रविवार शाम अचानक आई तेज आंधी व वर्षा से शहर में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। महाकाल महालोक में सप्तऋषि की 7 में से 6 मूर्तियां गिरकर क्षतिग्रस्त हो गईं। अन्य मूर्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। श्रद्धालु समीप नहीं थे, इस कारण हादसा टल गया। महाकाल महालोक में कुल 127 मूर्तियां लगाई गई हैं। नीचे गिरी मूर्तियों को क्रेन की मदद से उठाया गया। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने उज्जैन के महाकाल लोक परिसर में आंधी से हुई क्षति को लेकर शिवराज सरकार की आलोचना की। उन्होंने खंडित मूर्तियों पर चिंता जताते हुए तत्काल नई मूर्तियां स्थापित करने और इस तरह के निर्माण के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा देने की मांग की है।
कमलनाथ ने किया ट्वीट
पीसीसी चीफ कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा है कि," मध्य प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जब उज्जैन में महाकाल मंदिर परिसर का भव्य निर्माण करने का संकल्प लिया था। तब इस बात की कल्पना नहीं की थी कि बाद की सरकार महाकाल लोक के निर्माण में भी गंभीर अनियमितता करेगी।" सीएम शिवराज से मांग करते हुए कमलनाथ ने लिखा, आज जिस तरह से महाकाल लोक परिसर में आंधी चलने से देव प्रतिमाएं जमीन पर गिर गईं, वह दृश्य किसी भी धार्मिक व्यक्ति के लिए अत्यंत करुण दृश्य है। मैं सीएम से मांग करता हूं कि महाकाल लोक में जो प्रतिमाएं गिरी हैं, वहां नई प्रतिमाएं तुरंत स्थापित की जाएं और घटिया निर्माण करने वालों को जांच कर दंडित किया जाए।"
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मौसम में अचानक भारी बदलाव आया
दरअसल, मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि के साथ मौसम में अचानक भारी बदलाव आया। उज्जैन में भारी बारिश के साथ तेज आंधी और ओलावृष्टि से महाकाल लोक में सप्तऋषि की कुछ बड़ी मूर्तियां टूटकर गिर गईं। महाकाल मंदिर समिति ने सभी भक्तों को क्षेत्र से निकालकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की।
कांग्रेस ने बनाई कमेटी
वही, आंधी तूफान से महाकाल लोक की मूर्तियों के क्षतिग्रस्त होने पर कांग्रेस ने कमेटी बनाई है। कमेटी आंधी में हुई बर्बादी की जांच करेगी। यह कमेटी कमलनाथ ने बनाई है, जिसमें 7 सदस्य है। कमेटी मौके पर जाकर जांच करेगी और जांच के बाद पीसीसी चीफ कमलनाथ को रिपोर्ट देगी।
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