हाल ही में निर्मित हुए महाकाल लोक में रविवार शाम अचानक आई तेज आंधी व वर्षा से शहर में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। महाकाल महालोक में सप्तऋषि की 7 में से 6 मूर्तियां गिरकर क्षतिग्रस्त हो गईं। अन्य मूर्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। श्रद्धालु समीप नहीं थे, इस कारण हादसा टल गया। महाकाल महालोक में कुल 127 मूर्तियां लगाई गई हैं। नीचे गिरी मूर्तियों को क्रेन की मदद से उठाया गया। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने उज्जैन के महाकाल लोक परिसर में आंधी से हुई क्षति को लेकर शिवराज सरकार की आलोचना की। उन्होंने खंडित मूर्तियों पर चिंता जताते हुए तत्काल नई मूर्तियां स्थापित करने और इस तरह के निर्माण के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा देने की मांग की है। PCC चीफ कमलनाथ ने तूफान की वजह से खंडित हुई मूर्तियों की जांच के लिए सात सदस्यों की कमेटी का गठन किया है। इसके अलावा पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने शिवराज सरकार को जमकर घेरा है।
कमलमनाथ ने कमेटी का गठन किया
महाकाल लोक में रविवार को आई आंधी के कारण हुए नुकसान की जांच के लिए कमलमनाथ ने सात सदस्यों की कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में सज्जन सिंह वर्मा, रामलाल मालवीय, दिलीप गुर्जर, शोभा ओझा, महेश परमार, मुरली मोरवाल और केके मिश्रा को शामिल किया गया है। कमेटी जल्द ही उज्जैन पहुंचकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रिपोर्ट पेश करेगी।Read More: उज्जैन में आंधी का कहर, कमलनाथ ने महाकाल लोक परिसर में हुई क्षति को लेकर शिवराज सरकार को घेरा'
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