मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को लाल परेड ग्राउंड में आंगनबाड़ी सम्मेलन में आशा उषा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने आशा उषा कार्यकर्ताओं के मानदेय को बढ़ाकर छह हजार करने का एलान किया। इसके साथ ही हर साल मानदेय में एक हजार रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा भी की। सीएम ने आशा उषा कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु में भी बढ़ोतरी और सेवानिवृत्ति पर एक लाख रुपए का लाभ देने के भी निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि बिना किसी गंभीर कारण के ये बहनें सेवा से पृथक नहीं की जाएंगी।
मानदेय में बढ़ोतरी के साथ दो साल बढ़ी रिटायरमेंट की आयु
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कई आशा उषा बहने अभी मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में सम्मिलित नहीं है। हर आशा और उषा बहन को मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि आकस्मिक अवकाश की बात आई, वैसे हमारा काम ऐसा है कब हमारी जरूरत पड़ जाए, लेकिन फिर भी मानवीयता के नाते हम ऐसी व्यवस्था बनाएं, इन्हें आकस्मिक अवकाश भी हर हालत में सुनिश्चित हो जाए।
हर साल 1 हजार बढ़ेंगे, 62 में रिटायरमेंट
मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा के वेतन भुगतान और सत्यापन आशा डायरी के आधार पर सहयोगियों के सत्यापन के बाद तत्काल ब्लॉक के स्तर पर ही कर दिया जाए। इसकी कोई न कोई समय सीमा निश्चित की जाए। सीएम ने कहा कि मैं जानता हूं कि जिस स्तर का आपका काम है। अब लगभग पूरा समय हमारा जनता के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए गुजरता है इसलिए 2 हजार रु का मानदेय काफी कम है। इसको बढ़ाकर मैं 6 हजार करने का निर्देश देता हूं।
शिवराज ने कहा कि जो रूटीन के काम है कई बार उनमें भी कोई कमी ना होने पर भी कई आशा बहने सेवा से पृथक कर दी जाती है। मैं ये निर्देश दे रहा हूं कि बिना किसी गंभीर कारण के ये बहनें सेवा से पृथक नहीं की जाएंगी। आशा बहनें और पर्यवेक्षको की सेवानिवृत्ति 60 साल से बढाकर 62 साल में की जाएंगी ताकि वह स्वस्थ रहकर और बेहतर काम कर सके। आशा और आशा पर्यवेक्षक बहनों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
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