सागर, किसानों द्वारा उचित तकनीक का इस्तेमाल न करने से बुंदेलखंड में सोयाबीन का उत्पादन गिर रहा है। विशेषज्ञों की माने तो क्षेत्र में पहले 15 क्विंटल प्रति एकड़ तक सोयाबीन की पैदावार होती थी जो अब कुछ जगहों पर सिमटकर 5-6 क्विंटल आ गई है।उत्पादन कम होने के विशेषज्ञ कई कारण बता रहे हैं। जिसमें प्रमुख कारण किसानों द्वारा घनी बोवनी करना है। कृषि विशेषज्ञों की माने तो प्रति एकड़ 30 किग्रा बीज बोना चाहिए लेकिन किसान दोगुना से भी ज्यादा बीज खेत में डाल रहे हैं। पौधों के बीच पर्याप्त दूरी न होने के कारण पौधों के बीच प्रतिस्पर्धा हो रही है और पौधे सही ढंग से पनपते भी नहीं हैं। खेत में लगातार एक ही तरह की फसलें उगाते जा रहे हैं। रसायनों का अंधाधुंध प्रयोग भी मिट्टी को बंजर बनाने का कार्य कर रहा है। सोयाबीन की नई-नई किस्में वर्तमान परिवेश के अनुसार विकसित हो रहीं हैं लेकिन किसान अपने घर का पुराना परंपरागत बीज ही खेतों में डाल रहा है।
पहले 15 तो अब सिमटकर 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ आया उत्पादन
Comments (0)