छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने की तैयारी में है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ी हुई थीं, लेकिन अब मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में बारिश बढ़ने का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार 13 जुलाई से प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है।
पिछले 24 घंटे में मिला-जुला रहा मौसम
बीते 24 घंटे के दौरान सरगुजा संभाग के अधिकांश इलाकों और बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। हालांकि प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम सामान्य बना रहा और कहीं भी व्यापक बारिश देखने को नहीं मिली। मानसून की कमजोर स्थिति के कारण प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 24 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
13 जुलाई से बढ़ेगी बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार, 13 जुलाई से उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश का दायरा बढ़ने लगेगा। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
14 जुलाई से तेज हो सकता है मानसून
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 14 जुलाई से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है। कुछ जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। बारिश बढ़ने से किसानों को भी राहत मिल सकती है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से कमजोर मानसून के कारण खरीफ फसलों की बुआई और सिंचाई प्रभावित हो रही थी।
14 से 16 जुलाई तक जारी रहेगा अलर्ट
मौसम विभाग ने 14 से 16 जुलाई के बीच प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि तेज गर्जना और बिजली गिरने की घटनाओं के दौरान लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।
17 और 18 जुलाई को भी जारी रह सकती है बारिश
पूर्वानुमान के अनुसार 17 और 18 जुलाई को भी छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश में वर्षा की कमी धीरे-धीरे कम हो सकती है। यदि यह स्थिति बनी रहती है तो कृषि कार्यों के साथ-साथ जलाशयों और नदियों के जलस्तर में भी सुधार देखने को मिल सकता है।