मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा, जिससे दिन के तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस तक उछाल दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बारिश की गतिविधियां कमजोर हैं, लेकिन कुछ संभागों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन दिनों तक मानसून कमजोर रहेगा। हालांकि सागर और रीवा संभाग समेत कई जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक और 50 किमी/घंटा तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम के बदलते मिजाज पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
क्यों थम गई बारिश? जानिए मौसम विभाग की बड़ी वजह
मध्यप्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम फिलहाल कमजोर पड़ गया है। इसी कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां लगभग थम गई हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार फिलहाल केवल सागर और रीवा संभाग के ऊपर बादलों की सक्रियता बनी हुई है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जबकि बाकी प्रदेश में मौसम सामान्यतः शुष्क रहेगा।
8 डिग्री तक बढ़ा तापमान, उमस ने बढ़ाई परेशानी
बारिश रुकने का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। धूप निकलने के साथ उमस भी बढ़ गई, जिससे लोगों को गर्मी का ज्यादा एहसास हो रहा है। यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो तापमान और उमस दोनों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम?
12 से 13 जुलाई
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, रीवा, सतना, शहडोल, जबलपुर सहित कई जिलों में गरज-चमक और 50 किमी/घंटा तक तेज हवाओं की संभावना।
13 से 14 जुलाई
रीवा, सतना, शहडोल, अनूपपुर, बालाघाट, मंडला, बैतूल, धार, खरगोन, बुरहानपुर सहित कई जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
14 से 15 जुलाई
जबलपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, नर्मदापुरम, बैतूल, खंडवा, खरगोन समेत कई जिलों में गरज-चमक के आसार।
15 से 16 जुलाई
पूर्वी और दक्षिणी मध्यप्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश के साथ तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
16 जुलाई के बाद
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर सहित प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम फिर सक्रिय होने के संकेत हैं और बारिश का दायरा बढ़ सकता है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा असर?
मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में मौसम पर विशेष नजर रहेगी-
सागर संभाग
रीवा संभाग
भोपाल
इंदौर
जबलपुर
ग्वालियर
नर्मदापुरम
शहडोल
बालाघाट
खंडवा
खरगोन
बैतूल
सीधी
सिंगरौली
इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है।
किसानों के लिए क्यों अहम है यह अपडेट?
प्रदेश में खरीफ फसलों की बुवाई का समय चल रहा है। ऐसे में लगातार कमजोर मानसून किसानों की चिंता बढ़ा सकता है। यदि अगले कुछ दिनों तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो-
खेतों में नमी कम हो सकती है।
सोयाबीन, मक्का और धान जैसी फसलों पर असर पड़ सकता है।
सिंचाई की जरूरत बढ़ सकती है।
हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि तीन दिन बाद मानसून की गतिविधियों में सुधार की संभावना है।
FAQs
1. मध्यप्रदेश में बारिश क्यों रुक गई है?
मानसूनी सिस्टम फिलहाल कमजोर पड़ गया है, इसलिए अधिकांश हिस्सों में बारिश कम हो गई है।
2. किन संभागों में बारिश की संभावना है?
सागर और रीवा संभाग सहित कई पूर्वी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
3. तापमान कितना बढ़ा है?
पिछले 24 घंटे में कई इलाकों में अधिकतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है।
4. क्या अगले कुछ दिनों में भारी बारिश होगी?
फिलहाल भारी बारिश की संभावना कम है। अगले तीन दिन हल्की बारिश और गरज-चमक का अनुमान है।
5. तेज हवाएं कहां चलेंगी?
प्रदेश के कई जिलों में 50 किमी/घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है और इसका असर तापमान में तेज बढ़ोतरी के रूप में दिखाई दे रहा है। अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की उम्मीद कम है, लेकिन कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इसके बाद मानसून फिर सक्रिय हो सकता है और प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ेगा।