दतिया उपचुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा सियासी ड्रामा अब खत्म होता नजर आ रहा है। टिकट कटने के बाद चर्चाओं के केंद्र में रहे बीजेपी के वरिष्ठ नेता Narottam Mishra ने रविवार को दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष Nitin Nabin से मुलाकात कर पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुलाकात के बाद उन्होंने साफ कहा कि वह कभी पार्टी से नाराज नहीं थे और भविष्य में भी नहीं होंगे। शनिवार को भोपाल में मुख्यमंत्री Mohan Yadav, प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal और संगठन के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद अब दिल्ली की यह बैठक संकेत दे रही है कि दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा ने अंदरूनी मतभेदों पर लगभग विराम लगा दिया है।
दिल्ली में नितिन नवीन से मुलाकात, सियासी संदेश भी साफ
रविवार को नरोत्तम मिश्रा दिल्ली स्थित बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के आवास पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में विस्तृत चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब दतिया उपचुनाव में टिकट कटने के बाद उनके नाराज होने और दूसरे राजनीतिक विकल्प तलाशने की अटकलें तेज थीं। बैठक के बाद मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि उनका पार्टी से कोई मतभेद नहीं है और जो नाराजगी की चर्चा चल रही थी, वह सही नहीं है।
"क्षणिक आवेश था, अब सब सामान्य है"
मीडिया से बातचीत में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि- "मैं न कभी नाराज था, न हूं और न ही कभी पार्टी से नाराज हो सकता हूं। क्षणिक आवेश जरूर था, लेकिन अब वह समाप्त हो चुका है।" उनके इस बयान को भाजपा संगठन के लिए राहत और कार्यकर्ताओं के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
"भाजपा में जन्मा हूं, भाजपा में ही रहूंगा"
दूसरी पार्टी में शामिल होने की चर्चाओं पर भी नरोत्तम मिश्रा ने पूरी तरह विराम लगा दिया। उन्होंने कहा- "भाजपा में ही मेरा राजनीतिक जन्म हुआ है और भाजपा में ही रहूंगा।" इस बयान के साथ उन्होंने यह संकेत भी दिया कि भविष्य में किसी अन्य दल से चुनाव लड़ने की संभावना नहीं है।
आशुतोष तिवारी की जीत का किया दावा
दतिया सीट से भाजपा उम्मीदवार Ashutosh Tiwari के समर्थन में उतरते हुए नरोत्तम मिश्रा ने उन्हें अच्छा नेता बताया। उन्होंने कहा कि दतिया की लड़ाई "राजा और फकीर" की है और भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी निश्चित रूप से चुनाव जीतेंगे। इससे यह भी स्पष्ट हो गया कि अब मिश्रा चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
भोपाल में भी हुई थी अहम बैठक
दिल्ली रवाना होने से पहले शनिवार शाम नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल से मुलाकात की थी। बैठक के बाद हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा पार्टी के वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं तथा उनके मार्गदर्शन में भाजपा दतिया उपचुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दतिया में कार्यकर्ताओं के इस्तीफे की चर्चाओं के बावजूद संगठन किसी का इस्तीफा स्वीकार नहीं करेगा।
दतिया उपचुनाव का पूरा शेड्यूल
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार-
13 जुलाई: नामांकन की अंतिम तिथि
14 जुलाई: नामांकन पत्रों की जांच
16 जुलाई: नाम वापस लेने की अंतिम तिथि
30 जुलाई: मतदान
3 अगस्त: मतगणना
4 अगस्त: चुनाव प्रक्रिया पूरी
अब सभी की नजरें नामांकन और चुनाव प्रचार पर टिकी हैं।
FAQs
1. नरोत्तम मिश्रा ने किससे मुलाकात की?
उन्होंने दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की।
2. क्या नरोत्तम मिश्रा पार्टी से नाराज हैं?
उन्होंने साफ कहा कि वह कभी पार्टी से नाराज नहीं थे और न ही आगे होंगे।
3. क्या नरोत्तम मिश्रा दूसरी पार्टी में जाएंगे?
नहीं। उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन भाजपा के साथ ही जुड़ा रहेगा।
4. भाजपा का उम्मीदवार कौन है?
दतिया उपचुनाव में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है।
5. दतिया उपचुनाव का रिजल्ट कब आएगा?
मतगणना 3 अगस्त 2026 को होगी।
निष्कर्ष
दतिया उपचुनाव से पहले नरोत्तम मिश्रा और भाजपा नेतृत्व के बीच लगातार हुई बैठकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी संगठन अंदरूनी मतभेदों को समाप्त करने में सफल रहा है। दिल्ली में नितिन नवीन से मुलाकात और उसके बाद मिश्रा के सार्वजनिक बयान ने राजनीतिक अटकलों पर लगभग विराम लगा दिया है। अब भाजपा की पूरी ताकत दतिया सीट पर जीत सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहेगी।