राजस्थान में मानसून की रफ्तार अचानक थम गई है। प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री पूरी होने के बावजूद अब मानसूनी बादल लगभग गायब हो गए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना बेहद कम है। हालांकि, शनिवार को चूरू जिले के सादुलपुर में 55 मिमी (करीब 2 इंच) बारिश दर्ज की गई, लेकिन अधिकांश जिलों में तेज धूप, उमस और गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि श्रीगंगानगर शनिवार को देश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बाड़मेर में अच्छी बारिश की कामना को लेकर लोगों ने हवन-पूजन भी किया। ऐसे में सवाल यही है कि आखिर राजस्थान से मानसूनी बादल क्यों गायब हो गए हैं और प्रदेश में झमाझम बारिश कब लौटेगी? आइए विस्तार से जानते हैं।
मानसून आया, लेकिन बादल कहां चले गए?
हालांकि मानसून पूरे राजस्थान में पहुंच चुका है, लेकिन फिलहाल मानसूनी ट्रफ और सक्रिय सिस्टम कमजोर पड़ गए हैं। इसी वजह से प्रदेश के ऊपर मानसूनी बादलों की सक्रियता काफी कम हो गई है। सैटेलाइट तस्वीरों में भी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों के ऊपर घने मानसूनी बादल नजर नहीं आ रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जब तक कोई नया लो-प्रेशर एरिया या मजबूत मानसूनी सिस्टम विकसित नहीं होता, तब तक व्यापक बारिश की संभावना कम बनी रहेगी। यही वजह है कि कई जिलों में बादल आने के बावजूद बारिश नहीं हो रही और उमस लगातार बढ़ रही है।
चूरू में झमाझम, लेकिन बाकी प्रदेश में सूखे जैसे हालात
पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक बारिश चूरू जिले के सादुलपुर में हुई, जहां 55 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा-
हनुमानगढ़: 3 से 38 मिमी तक बारिश
श्रीगंगानगर: 28 मिमी
झुंझुनूं: 18 मिमी
अलवर: 1 मिमी
खैरथल-तिजारा: 1 मिमी
इन आंकड़ों से साफ है कि बारिश केवल कुछ इलाकों तक सीमित रही, जबकि अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क बना रहा।
श्रीगंगानगर बना देश का सबसे गर्म जिला
बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर तापमान पर दिखाई दिया। शनिवार को श्रीगंगानगर का अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पूरे देश में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा-
जिला अधिकतम तापमान
श्रीगंगानगर 41.7°C
फलोदी 40.6°C
जैसलमेर 40.0°C
बीकानेर, बाड़मेर और जोधपुर में भी दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया।
बाड़मेर में बारिश के लिए हुआ हवन
पश्चिमी राजस्थान में लगातार कमजोर मानसून के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। बाड़मेर में अच्छी बारिश की कामना को लेकर लोगों ने धार्मिक अनुष्ठान और हवन किए। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त बारिश नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता का माहौल है।
आज किन जिलों में हो सकती है बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश के 15 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है।
इन जिलों में बारिश के आसार
झुंझुनूं
सीकर
कोटपूतली-बहरोड़
अलवर
खैरथल-तिजारा
डीग
दौसा
भरतपुर
करौली
धौलपुर
सवाई माधोपुर
जालोर
सिरोही
उदयपुर
डूंगरपुर
हालांकि किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
बड़े शहरों का मौसम कैसा रहा?
जयपुर
राजधानी में दिनभर धूप और उमस बनी रही। अधिकतम तापमान 35.1°C जबकि न्यूनतम 24.1°C दर्ज किया गया। रात के तापमान में 4.4 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई।
अजमेर
अधिकतम तापमान 33.7°C और न्यूनतम 24.8°C रहा। बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस बनी रही।
अलवर
सुबह से तेज धूप रही और अधिकतम तापमान करीब 37°C दर्ज किया गया।
उदयपुर
लेकसिटी में अधिकतम 33°C और न्यूनतम 26.4°C तापमान रिकॉर्ड हुआ। अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना कम है।
कोटा
मानसून कमजोर पड़ने से उमस बढ़ गई है। अधिकतम तापमान 35.9°C और न्यूनतम 28°C दर्ज किया गया। इस सीजन में अब तक सामान्य से 11% कम बारिश हुई है।
जोधपुर
अधिकतम तापमान 36.6°C और न्यूनतम 28.8°C रहा। दिनभर मौसम सामान्य लेकिन गर्म बना रहा।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 जुलाई तक राजस्थान में किसी बड़े बारिश सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना नहीं है। इस दौरान-
अधिकांश जिलों में हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और उमस बनी रह सकती है।
पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश संभव है।
नए मानसूनी सिस्टम बनने के बाद ही व्यापक बारिश की उम्मीद बढ़ेगी।
FAQs
1. राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश कहां हुई?
चूरू जिले के सादुलपुर में 55 मिमी (करीब 2 इंच) बारिश दर्ज की गई।
2. प्रदेश का सबसे गर्म जिला कौन रहा?
श्रीगंगानगर 41.7°C तापमान के साथ देश का सबसे गर्म जिला रहा।
3. क्या राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है?
नहीं। फिलहाल 15 जुलाई तक किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
4. आज किन जिलों में बारिश की संभावना है?
झुंझुनूं, सीकर, अलवर, भरतपुर, उदयपुर, डूंगरपुर सहित 15 जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं।
5. मानसून कमजोर क्यों पड़ा है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल सक्रिय मानसूनी सिस्टम और लो-प्रेशर क्षेत्र कमजोर होने के कारण प्रदेश में व्यापक बारिश नहीं हो रही है।
निष्कर्ष
राजस्थान में मानसून की औपचारिक एंट्री हो चुकी है, लेकिन फिलहाल मानसूनी बादलों की सक्रियता बेहद कमजोर पड़ गई है। कुछ इलाकों में अच्छी बारिश जरूर हुई है, लेकिन अधिकांश जिलों में गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है। किसानों से लेकर आम लोगों तक सभी की नजर अब अगले सक्रिय मानसूनी सिस्टम पर है, जिससे प्रदेश में फिर से झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।