दिल्ली। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। दतिया राजघराने से जुड़े घनश्याम सिंह का मुकाबला भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी से होगा। कांग्रेस ने एक बार फिर उनके राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में मजबूत पकड़ पर भरोसा जताया है।
दतिया की राजनीति में मजबूत पहचान
72 वर्षीय घनश्याम सिंह दतिया राजघराने से ताल्लुक रखते हैं और जिले की राजनीति में उनका प्रभाव माना जाता है। उनके पिता महाराज कृष्ण सिंह जू देव वर्ष 1984 में भिंड-दतिया लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद रहे थे। घनश्याम सिंह ने एमए तक शिक्षा प्राप्त की है और लंबे समय से सक्रिय राजनीति का हिस्सा हैं।
तीन बार विधायक रह चुके हैं घनश्याम सिंह
घनश्याम सिंह दतिया विधानसभा सीट से दो बार और सेवढ़ा विधानसभा सीट से एक बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने वर्ष 1993 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर भाजपा के शंभू गोस्वामी को हराया था।
1998 में टिकट नहीं मिला, 2003 में की वापसी
1998 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को टिकट नहीं दिया था और दूसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारा। हालांकि पार्टी को उस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2003 में कांग्रेस ने फिर उन पर भरोसा जताया और उन्होंने चुनाव जीतकर दोबारा विधानसभा में वापसी की।
2008 में नरोत्तम मिश्रा से मिली थी हार
वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में घनश्याम सिंह का मुकाबला भाजपा के डॉ. नरोत्तम मिश्रा से हुआ, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब कांग्रेस ने दतिया विधानसभा उपचुनाव में एक बार फिर उन्हें उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारा है।