लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) पर दलितों, गरीबों और वंचित वर्गों के मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बसपा हमेशा सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के लिए संघर्ष करती रही है, जबकि अन्य दल इन मुद्दों का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास करते हैं।
कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मायावती ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन दलितों, महिलाओं और कमजोर वर्गों पर अत्याचार की घटनाएं अब भी चिंता का विषय हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई करने और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने की मांग की।
सपा पर भी साधा निशाना
बसपा प्रमुख ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि उसके शासनकाल में दलितों और कमजोर वर्गों के हितों की अनदेखी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सपा दलितों के नाम पर राजनीति कर रही है, जबकि उसके कार्यकाल का रिकॉर्ड इसके विपरीत रहा है।
बसपा की नीतियों का किया जिक्र
मायावती ने कहा कि बसपा ने सत्ता में रहते हुए 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की नीति पर काम किया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने दलितों, पिछड़ों, गरीबों और सभी वर्गों के विकास को प्राथमिकता दी और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का प्रयास किया।
कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत करने की अपील
मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर बसपा की नीतियों और कार्यों को मजबूती से रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी और बेहतर प्रदर्शन के लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाएगा।