राजस्थान में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। पिछले कुछ दिनों की अच्छी बारिश के बाद अब अधिकांश जिलों में बारिश का दौर कमजोर हो गया है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। खासकर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, डीग, भरतपुर और धौलपुर जिलों में बारिश होने के आसार हैं। वहीं राहत की बात यह है कि मौसम विभाग के अनुसार 15 जुलाई के बाद मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, अब तक 24 जिलों में सामान्य या उससे कम बारिश दर्ज की गई है, जिसका असर खरीफ फसलों की बुवाई पर भी दिखाई देने लगा है। आइए जानते हैं पूरे प्रदेश का मौसम अपडेट, किन जिलों में बारिश होगी, तापमान का हाल और किसानों के लिए आगे क्या संकेत हैं।
क्यों कमजोर पड़ा मानसून?
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश पर कोई मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसी वजह से अधिकांश जिलों में व्यापक बारिश की संभावना कम बनी हुई है। हालांकि स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि 15 जुलाई के आसपास नया सिस्टम बनने पर बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं।
आज किन जिलों में बारिश के आसार?
मौसम विभाग ने शनिवार को इन जिलों में बारिश की संभावना जताई है—
श्रीगंगानगर
हनुमानगढ़
चूरू
झुंझुनूं
कोटपूतली-बहरोड़
अलवर
डीग
भरतपुर
धौलपुर
इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
बीते 24 घंटों में उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मुख्य आंकड़े-
चूरू – 25.6 मिमी
पिलानी (झुंझुनूं) – 10.1 मिमी
सीकर – 4 मिमी
इसके अलावा अलवर और श्रीगंगानगर में भी बारिश दर्ज की गई।
24 जिलों में कम बारिश, खेती पर बढ़ी चिंता
इस बार मानसून की धीमी रफ्तार का सबसे बड़ा असर खेती पर पड़ा है। अब तक-
24 जिलों में सामान्य या उससे कम बारिश हुई।
34 जिले खरीफ बुआई में पिछड़ गए।
पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 30% कम बुआई दर्ज की गई।
यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती, तो किसानों की चिंता और बढ़ सकती है।
प्रदेश में तापमान का क्या है हाल?
बारिश कमजोर पड़ने के साथ ही कई जिलों में तापमान फिर बढ़ने लगा है।
सबसे गर्म जिले
श्रीगंगानगर – 42°C
जैसलमेर – 39.8°C
फलोदी – 39.8°C
बीकानेर – 39.2°C
चूरू में बारिश होने के बावजूद अधिकतम तापमान 37.5°C दर्ज किया गया।
बड़े शहरों का मौसम अपडेट
जयपुर
जयपुर में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बारिश की संभावना है।
अधिकतम तापमान – लगभग 35°C
न्यूनतम तापमान – 28.2°C
उमस के कारण लोगों को गर्मी का एहसास बना हुआ है।
जोधपुर
जोधपुर में अब तक सामान्य से लगभग 5% कम बारिश हुई है।
अधिकतम तापमान – 36.7°C
न्यूनतम तापमान – 28.4°C
हवा चलने से गर्मी में कुछ राहत महसूस की गई।
कोटा
कोटा में शुक्रवार को उमस ने लोगों को परेशान किया।
अधिकतम तापमान – 35.7°C
न्यूनतम तापमान – 28.4°C
दिनभर हवा कम चलने से गर्मी अधिक महसूस हुई।
उदयपुर
उदयपुर में सुबह और शाम बादल छाए रहे।
अधिकतम तापमान – 32.6°C
न्यूनतम तापमान – 25.4°C
हल्की ठंडी हवाओं से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहा।
सीकर
सीकर में मानसून अभी भी कमजोर बना हुआ है।
अधिकतम तापमान – 35.5°C
न्यूनतम तापमान – 23.9°C
दिनभर धूप रही, जबकि शाम के समय हल्के बादल दिखाई दिए।
15 जुलाई के बाद क्यों बढ़ी उम्मीद?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 15 जुलाई के बाद एक नया मानसूनी सिस्टम सक्रिय हो सकता है। यदि यह सिस्टम मजबूत बनता है, तो-
पूर्वी राजस्थान में अच्छी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में भी वर्षा गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
खरीफ फसलों के लिए राहत मिलने की संभावना है।
हालांकि मौसम की स्थिति में बदलाव पूरी तरह आगामी सिस्टम की सक्रियता पर निर्भर करेगा।
किसानों के लिए क्या है सलाह?
बारिश की अनिश्चितता को देखते हुए कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और बुआई या अन्य कृषि कार्य मौसम की स्थिति के अनुसार करें। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आ सकती है।
FAQs
1. आज राजस्थान के किन जिलों में बारिश की संभावना है?
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, डीग, भरतपुर और धौलपुर में।
2. सबसे ज्यादा बारिश कहां दर्ज की गई?
पिछले 24 घंटों में चूरू में 25.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
3. राजस्थान में सबसे अधिक तापमान कहां रहा?
श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
4. मानसून फिर कब सक्रिय हो सकता है?
मौसम विभाग के अनुसार 15 जुलाई के बाद मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना है।
5. कम बारिश का खेती पर क्या असर पड़ा है?
34 जिले खरीफ बुआई में पिछड़ गए हैं और पिछले साल की तुलना में करीब 30% कम बुआई हुई है।
निष्कर्ष
राजस्थान में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे अधिकांश जिलों में बारिश का इंतजार बना हुआ है। हालांकि आज कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है और 15 जुलाई के बाद मानसून के दोबारा सक्रिय होने की उम्मीद जताई जा रही है। कम बारिश का असर खेती पर भी साफ दिखाई दे रहा है, इसलिए आने वाले कुछ दिन किसानों और आम लोगों दोनों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।