नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में जयप्रकाश नारायण पब्लिक लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं में पढ़ने की संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया और पुस्तकालयों को स्कूलों से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
'पुस्तकालयों को स्कूलों से जोड़ने का प्रयास'
अमित शाह ने कहा कि पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान और व्यक्तित्व निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने बताया कि हर पुस्तकालय को स्कूलों के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है, ताकि छात्र कम उम्र से ही अध्ययन की आदत विकसित कर सकें।
'पढ़ने की आदत से सही-गलत की पहचान होती है'
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब युवा पढ़ने की आदत विकसित कर लेते हैं, तो वे स्वयं सही और गलत के बीच अंतर समझने लगते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने विचारों को पुस्तकों में संचित ज्ञान से समृद्ध करें और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखें।
दिल्ली सरकार से की विशेष अपील
अमित शाह ने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि राजधानी के सभी सरकारी पुस्तकालयों को आपस में जोड़ा जाए। साथ ही ऐसी योजना तैयार की जाए, जिससे स्कूलों को इन पुस्तकालयों से जोड़ा जा सके और अधिक से अधिक विद्यार्थी उनका लाभ उठा सकें।
ज्ञान आधारित समाज के निर्माण पर जोर
उन्होंने कहा कि पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना एक जागरूक और ज्ञान आधारित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुस्तकालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर युवाओं को शिक्षा और ज्ञान के नए अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।