नई दिल्ली। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA)’ राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अभियान की छठी वर्षगांठ के अवसर पर 18 अगस्त 2026 को देशभर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ सामूहिक संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मंत्रालय का लक्ष्य ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यमों से 12 करोड़ से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प अभियान का नेतृत्व करने की संभावना है।
देशव्यापी रणनीति के लिए हुई उच्चस्तरीय बैठक
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव (मादक पदार्थ निवारण) डॉ. संदीप रेवाजी राठौड़ की अध्यक्षता में नई दिल्ली में उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने देशभर में संकल्प कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रणनीति और समन्वय पर चर्चा की।
देशभर के संस्थानों को जोड़ा जाएगा अभियान से
बैठक में अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, स्वयंसेवकों और अन्य हितधारकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। रेलवे, रक्षा, पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), आयुष मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, राजस्व विभाग, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को अभियान से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
नोडल अधिकारी और रिपोर्टिंग सिस्टम होगा तैयार
अभियान के प्रभावी संचालन के लिए सभी मंत्रालयों और विभागों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तथा प्रतिभागियों की संख्या और जागरूकता गतिविधियों की निगरानी के लिए एक एकीकृत रिपोर्टिंग तंत्र विकसित किया जाएगा।
हेल्पलाइन 14446 और ‘नशा मुक्ति मित्र’ पर रहेगा फोकस
मंत्रालय ने नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया है। साथ ही नागरिकों से ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में पंजीकरण कर नशे से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की गई है।
29 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुका अभियान
15 अगस्त 2020 को शुरू हुआ ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ पहले 272 संवेदनशील जिलों तक सीमित था, लेकिन अब यह पूरे देश में संचालित किया जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार, अभियान के माध्यम से अब तक 29.26 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई जा चुकी है। इनमें 11.17 करोड़ युवा, 7.90 करोड़ महिलाएं और 28.30 लाख से अधिक लोगों का उपचार एवं पुनर्वास शामिल है। साथ ही 21.34 लाख से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
'नशामुक्त भारत' को बताया राष्ट्र निर्माण का अभियान
डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि यह अभियान स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित युवा शक्ति के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं, राज्य मंत्री रामदास अठावले ने इसे साक्ष्य-आधारित राष्ट्रीय अभियान बताया, जबकि राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि युवाओं, महिलाओं और समाज की सक्रिय भागीदारी से ही नशामुक्त और स्वस्थ भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।