राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों के लिए पिछले 22 दिनों से चल रहा तबादलों (Transfers) का दौर आखिरकार समाप्त हो गया। अंतिम दिन का नजारा बेहद दिलचस्प रहा। कई विभागों में आधी रात के बाद तक तबादला सूचियां जारी होती रहीं, जबकि कुछ विभागों के कर्मचारी पूरी रात अपने नाम का इंतजार करते रहे। कर्मचारी लगातार विभागीय वेबसाइटों को रिफ्रेश करते रहे, लेकिन कई जगह सूची देर रात तक भी जारी नहीं हो सकी। सरकारी सूत्रों के अनुसार अधिकांश विभागों ने अपने तबादला प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भेज दिए थे। मंजूरी मिलने के बाद ही विभागों ने एक-एक कर आदेश जारी किए। इस बीच सोशल मीडिया पर फर्जी तबादला आदेश और फर्जी ट्रांसफर लिस्ट भी वायरल हो गईं, जिससे कर्मचारियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। आइए जानते हैं पूरे तबादला अभियान की टाइमलाइन, किन विभागों में सबसे ज्यादा ट्रांसफर हुए, किन विभागों की सूची अटकी रही और आगे क्या स्थिति रह सकती है।
22 दिन तक चला तबादलों का अभियान
राजस्थान सरकार ने इस वर्ष कर्मचारियों के तबादलों के लिए विशेष अवधि निर्धारित की थी। शुरुआत में यह अवधि 19 जून से 5 जुलाई तक तय की गई थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 10 जुलाई कर दिया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में बड़े पैमाने पर तबादलों की प्रक्रिया चली। सरकारी सूत्रों के अनुसार पूरे प्रदेश में करीब एक लाख कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों को लेकर प्रस्ताव तैयार किए गए।
अंतिम दिन क्यों देर रात तक जारी होती रहीं सूचियां?
अंतिम दिन कई विभागों की सूची देर शाम तक जारी नहीं हुई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार-
तबादला प्रस्ताव पहले ही तैयार कर लिए गए थे।
सभी प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय भेजे गए।
CMO से मंजूरी मिलने के बाद ही विभागों ने सूची जारी की।
मंजूरी चरणबद्ध तरीके से मिलने के कारण देर रात तक आदेश जारी होते रहे।
इसी वजह से कर्मचारी लगातार विभागीय वेबसाइटों पर नजर बनाए रहे।
कर्मचारी रातभर करते रहे इंतजार
शुक्रवार देर रात तक हजारों कर्मचारी अपने ट्रांसफर आदेश का इंतजार करते रहे। कई कर्मचारियों ने-
विभागीय वेबसाइट बार-बार रिफ्रेश की।
सोशल मीडिया पर वायरल सूचियों की जांच की।
विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया।
हालांकि कई विभागों में सूची देर रात तक भी जारी नहीं हो सकी।
शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा तबादले
इस बार सबसे ज्यादा तबादले शिक्षा विभाग में हुए। पिछले तीन दिनों के दौरान-
पहले दो दिनों में 10 हजार से अधिक तबादले हुए।
तीसरे दिन करीब 5 हजार और शिक्षकों के तबादले किए गए।
इस तरह केवल शिक्षा विभाग में ही 15 हजार से अधिक कर्मचारियों के ट्रांसफर हुए।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में भी बड़े पैमाने पर तबादले
आईटी विभाग ने भी अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के तबादले किए।
पहले दिन लगभग 763 कर्मचारियों के आदेश जारी हुए।
अगले दिन करीब 1,300 और कर्मचारियों के ट्रांसफर किए गए।
दो दिनों में विभाग ने लगभग 2 हजार कर्मचारियों के तबादले किए।
बिजली कंपनियों में भी जारी हुए बड़े पैमाने पर आदेश
प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में भी देर रात तक ट्रांसफर सूची जारी होती रही। रात करीब 11 बजे तक-
लगभग 1,500 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादला आदेश जारी किए जा चुके थे।
इनमें सबसे अधिक तबादले जयपुर विद्युत वितरण निगम में बताए गए।
किन विभागों की सूची देर रात तक अटकी रही?
कुछ विभाग ऐसे भी रहे, जहां कर्मचारी देर रात तक आदेश का इंतजार करते रहे।
इनमें प्रमुख रूप से-
नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग
जलदाय विभाग
जल संसाधन विभाग जैसे विभाग शामिल रहे।
सूत्रों के अनुसार इन विभागों की सूची मुख्यमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार कर रही थी।
परिवहन विभाग की सूची क्यों नहीं आई?
परिवहन विभाग में स्थिति अलग रही। सूत्रों के अनुसार-
विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी रही।
मंत्री स्तर पर सहमति नहीं बन सकी।
ट्रांसफर सूची अंतिम रूप नहीं ले सकी।
इसी वजह से विभागीय कर्मचारी देर रात तक आदेश का इंतजार करते रहे।
फर्जी ट्रांसफर आदेश ने बढ़ाया भ्रम
अंतिम दिन सोशल मीडिया पर कई फर्जी दस्तावेज भी वायरल हुए। इनमें-
तबादला अवधि 15 जुलाई तक बढ़ाने का कथित आदेश।
जयपुर डिस्कॉम की फर्जी ट्रांसफर सूची।
बाद में प्रशासनिक सुधार विभाग और संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये दस्तावेज आधिकारिक नहीं थे। बताया गया कि वायरल सूची कथित रूप से पिछले वर्ष की सूची में तारीख बदलकर प्रसारित की गई थी।
अब आगे क्या होगा?
तबादला अवधि समाप्त होने के बाद अब संबंधित विभाग-
रिलीविंग आदेश जारी करेंगे।
नई पदस्थापना पर जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी होगी।
प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
यदि किसी कर्मचारी को आदेश से संबंधित कोई आपत्ति या तकनीकी त्रुटि होती है, तो उसका निस्तारण विभागीय नियमों के अनुसार किया जाएगा।
FAQs
1. राजस्थान में तबादला अवधि कब समाप्त हुई?
तबादला अवधि 10 जुलाई को समाप्त हुई।
2. कुल कितने कर्मचारियों के तबादलों की तैयारी की गई थी?
सूत्रों के अनुसार करीब 1 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों को लेकर सूचियां तैयार की गई थीं।
3. किस विभाग में सबसे ज्यादा तबादले हुए?
शिक्षा विभाग में 15 हजार से अधिक तबादले किए गए।
4. किन विभागों की सूची देर रात तक जारी नहीं हो सकी?
नगरीय विकास, जलदाय, जल संसाधन और कुछ अन्य विभागों की सूची देर रात तक मंजूरी का इंतजार करती रही।
5. क्या तबादला अवधि बढ़ाने का आदेश जारी हुआ था?
सोशल मीडिया पर ऐसा दावा किया गया था, लेकिन संबंधित विभाग ने इसे फर्जी बताया।
निष्कर्ष
राजस्थान में 22 दिनों तक चला तबादला अभियान अब समाप्त हो चुका है। अंतिम दिन देर रात तक जारी हुई सूचियों ने हजारों कर्मचारियों की उत्सुकता बढ़ाए रखी, जबकि कई विभागों के कर्मचारी आदेश का इंतजार करते रहे। शिक्षा, आईटी और बिजली विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले हुए, वहीं कुछ विभागों की सूची अंतिम मंजूरी के अभाव में देर तक अटकी रही। इसके साथ ही फर्जी ट्रांसफर आदेशों ने भी भ्रम की स्थिति पैदा की। अब कर्मचारियों की नजर रिलीविंग और नई पदस्थापना की प्रक्रिया पर रहेगी।