लॉर्ड्स - भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले जा रहे टेस्ट मैच में स्टार ओपनर स्मृति मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। हालांकि वह शतक से सिर्फ 17 रन दूर रह गईं और 108 गेंदों में 83 रन बनाकर आउट हो गईं। अपनी पारी में उन्होंने 11 चौके और एक छक्का लगाया। उनकी इस पारी ने भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई, लेकिन वह एक बड़े रिकॉर्ड से भी चूक गईं।
शेफाली जल्दी लौटीं, मंधाना ने संभाली पारी
भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ओपनिंग बल्लेबाज शेफाली वर्मा बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं। इसके बाद स्मृति मंधाना ने जिम्मेदारी संभालते हुए संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों के खिलाफ शानदार शॉट लगाए और अर्धशतक पूरा करने के बाद शतक की ओर तेजी से बढ़ रही थीं।
इतिहास रचने से रह गईं महज 17 रन दूर
अगर स्मृति मंधाना इस मुकाबले में अपना शतक पूरा कर लेतीं, तो महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हो जाता। क्रिकेट जगत की नजरें उनके इस संभावित ऐतिहासिक उपलब्धि पर टिकी थीं, लेकिन 83 रन के निजी स्कोर पर उनका विकेट गिर गया और वह इतिहास रचने से चूक गईं।
फिर भी यादगार रही मंधाना की पारी
भले ही स्मृति मंधाना रिकॉर्ड अपने नाम नहीं कर सकीं, लेकिन उनकी यह पारी भारतीय टीम के लिए बेहद अहम साबित हुई। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को संभाला और एक बार फिर साबित किया कि वह भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हैं। अब क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि वह जल्द ही अपना अगला शतक लगाकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि भी अपने नाम करेंगी।