Rajasthan Monsoon Update: राजस्थान में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरी तरह दस्तक दे दी है, लेकिन बारिश का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 9 जुलाई को बीकानेर और जोधपुर क्षेत्र को कवर करने के साथ ही मानसून पूरे राजस्थान और पूरे देश में फैल गया। हालांकि राहत की बात यह है कि मानसून पहुंच चुका है, लेकिन चिंता की बात यह है कि अगले करीब दो सप्ताह तक मानसून कमजोर रहने के संकेत हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले कई दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना कम रहेगी। ऐसे में किसानों के साथ-साथ आम लोगों की नजरें अब अगली सक्रिय मानसूनी प्रणाली पर टिकी हैं।
मानसून पहुंचा, लेकिन बारिश क्यों नहीं हो रही?
हालांकि मानसून पूरे राजस्थान में फैल चुका है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ गया है। इसी वजह से राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश की संभावना कम बनी हुई है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, 10 जुलाई से अगले दो सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है। कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी जरूर हो सकती है, लेकिन फिलहाल जोरदार बारिश के संकेत नहीं हैं।
पिछले सप्ताह खूब बरसे बादल
बीते सप्ताह यानी 3 से 9 जुलाई के दौरान राजस्थान में मानसून काफी सक्रिय रहा। इस दौरान-
कई जिलों में मेघगर्जन हुई।
धूलभरी आंधियां चलीं।
तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज हुई।
कुछ इलाकों में भारी वर्षा भी रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में राज्य में दीर्घावधि औसत (Long Period Average) की तुलना में 72 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।
अगले दो सप्ताह कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग का अनुमान है कि-
अधिकांश जिलों में बारिश सामान्य से कम रहेगी।
कई स्थानों पर मौसम शुष्क बना रहेगा।
केवल कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
तापमान और उमस दोनों बढ़ सकते हैं।
इस वजह से खेती-किसानी से जुड़े लोगों की चिंता भी बढ़ सकती है।
किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट?
जहां राजस्थान में बारिश कमजोर पड़ने के आसार हैं, वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
10 से 12 जुलाई
जम्मू-कश्मीर
लद्दाख
10 से 15 जुलाई
हिमाचल प्रदेश
उत्तराखंड
पंजाब
हरियाणा
दिल्ली
उत्तर प्रदेश
इन राज्यों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
राजस्थान में बारिश से हुए हादसे
बारिश के बीच धौलपुर और अजमेर जिले में अलग-अलग घटनाओं में मकान ढहने से कई लोग घायल हो गए।
धौलपुर
कैलाशपुरा गांव में पक्का मकान गिरा।
एक ही परिवार के सात सदस्य मलबे में दब गए।
दो लोगों की हालत गंभीर बताई गई।
अजमेर
दीवार गिरने से दो लोग घायल हुए।
घायलों का अस्पताल में उपचार कराया गया।
देशभर में बारिश से कहां बिगड़े हालात?
दिल्ली-एनसीआर
लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। प्रमुख सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लगा और कई स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ।
उत्तराखंड
उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन के कारण करीब 1000 यात्री फंस गए। टिहरी में एक मकान भी ढह गया।
महाराष्ट्र
ठाणे में बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई। रायगढ़ में बाढ़ के कारण हजारों एलपीजी सिलेंडर बह गए, जबकि सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
केरल
वायनाड में भूस्खलन की घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई, जबकि कुछ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
क्या किसानों की बढ़ेगी चिंता?
राजस्थान में खरीफ फसलों की बुवाई का समय चल रहा है। ऐसे में यदि अगले दो सप्ताह तक पर्याप्त बारिश नहीं होती है तो कई इलाकों में खेती प्रभावित हो सकती है। हालांकि मौसम विभाग लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और नए सिस्टम बनने पर पूर्वानुमान में बदलाव संभव है।
FAQs
1. क्या पूरे राजस्थान में मानसून पहुंच चुका है?
हां। 9 जुलाई को मानसून ने पूरे राजस्थान को कवर कर लिया।
2. क्या अगले कुछ दिनों में भारी बारिश होगी?
फिलहाल मौसम विभाग ने अगले दो सप्ताह तक मानसून कमजोर रहने की संभावना जताई है।
3. पिछले सप्ताह राजस्थान में कितनी बारिश हुई?
दीर्घावधि औसत की तुलना में लगभग 72% अधिक वर्षा दर्ज की गई।
4. किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है?
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में।
5. क्या राजस्थान में मौसम फिर सक्रिय हो सकता है?
मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। नया मानसूनी सिस्टम बनने पर बारिश दोबारा तेज हो सकती है।
निष्कर्ष
राजस्थान में मानसून की औपचारिक एंट्री पूरी हो चुकी है, लेकिन अच्छी बारिश के लिए लोगों को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो सप्ताह तक मानसून कमजोर रहने के संकेत हैं। ऐसे में किसानों, आम नागरिकों और प्रशासन की नजर आगामी मौसम प्रणाली पर रहेगी, जिससे प्रदेश में फिर से झमाझम बारिश की उम्मीद बंध सकती है।