प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय विदेश दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच रहे हैं। इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पूरी करने के बाद अब उनकी नजर भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई ऊंचाई देने पर है। इस दौरे को इसलिए भी बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि करीब 40 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा कर रहा है। इस यात्रा पर दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), UPI पेमेंट सिस्टम, सीधी उड़ानों और व्यापारिक सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा न्यूजीलैंड में रहने वाले करीब 2.40 लाख भारतीय मूल के लोगों और हजारों भारतीय छात्रों की भी इस दौरे से बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं।
ऑस्ट्रेलिया से सीधे न्यूजीलैंड पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विदेश दौरे के दौरान पहले इंडोनेशिया और फिर ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। ऑस्ट्रेलिया यात्रा के अंतिम दिन उन्होंने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) का दौरा किया और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री मेलबर्न से न्यूजीलैंड के ऑकलैंड के लिए रवाना हुए, जहां उनका भव्य स्वागत होने की तैयारी है।
करीब 40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री का दौरा
न्यूजीलैंड की यह यात्रा ऐतिहासिक मानी जा रही है। इससे पहले वर्ष 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने न्यूजीलैंड का दौरा किया था। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी की यह पहली न्यूजीलैंड यात्रा है, जिसे दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
FTA पर हो सकती है बड़ी प्रगति
इस दौरे का सबसे अहम एजेंडा भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को आगे बढ़ाना माना जा रहा है। यदि दोनों देशों के बीच यह समझौता आगे बढ़ता है, तो-
व्यापार में तेजी आएगी।
आयात-निर्यात आसान होगा।
निवेश बढ़ेगा।
दोनों देशों के उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे।
रोजगार और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
UPI लॉन्च होने की भी उम्मीद
सूत्रों के अनुसार इस दौरे में भारत के डिजिटल भुगतान सिस्टम UPI (Unified Payments Interface) को न्यूजीलैंड में शुरू करने को लेकर भी चर्चा हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो-
भारतीय पर्यटकों को भुगतान में सुविधा मिलेगी।
प्रवासी भारतीयों के लिए लेनदेन आसान होगा।
दोनों देशों के बीच डिजिटल फाइनेंस सहयोग मजबूत होगा।
सीधी उड़ानों की मांग को मिल सकती है रफ्तार
न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीय लंबे समय से भारत से ऑकलैंड और वेलिंगटन के लिए सीधी उड़ानों की मांग कर रहे हैं। फिलहाल यात्रियों को अन्य देशों के जरिए यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान इस मुद्दे पर भी सकारात्मक चर्चा हो सकती है।
न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय कितना बड़ा है?
न्यूजीलैंड की कुल आबादी लगभग 52 लाख है। इनमें-
करीब 2.40 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं।
लगभग 15 हजार भारतीय छात्र विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं।
इस तरह भारतीय समुदाय न्यूजीलैंड की कुल आबादी का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा बन चुका है।
भारतीय समुदाय के साथ करेंगे संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय के एक विशेष कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। ऑकलैंड में भारतीय समुदाय ने उनके स्वागत के लिए 'किया ओरा मोदी' कार्यक्रम आयोजित किया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री व्यापारिक और खेल से जुड़े कार्यक्रमों में भी भाग ले सकते हैं।
भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को क्या मिलेगा फायदा?
यदि इस यात्रा के दौरान प्रस्तावित समझौतों पर प्रगति होती है तो-
व्यापार बढ़ेगा।
शिक्षा सहयोग मजबूत होगा।
डिजिटल भुगतान प्रणाली का विस्तार होगा।
पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
भारतीय छात्रों और प्रवासी भारतीयों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी।
दोनों देशों के रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे।
FAQs
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड क्यों गए हैं?
द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने, व्यापारिक समझौतों और भारतीय समुदाय से संवाद के लिए।
2. न्यूजीलैंड में कितने भारतीय रहते हैं?
करीब 2.40 लाख, जो वहां की कुल आबादी का लगभग 5 प्रतिशत हैं।
3. इस दौरे में किन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है?
FTA, UPI, सीधी उड़ानें, व्यापार, शिक्षा और निवेश जैसे मुद्दों पर।
4. आखिरी बार भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड कब गए थे?
वर्ष 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने न्यूजीलैंड का दौरा किया था।
5. क्या UPI न्यूजीलैंड में शुरू हो सकता है?
दौरे के दौरान इस विषय पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।