लखनऊ- उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हनुमानगढ़ी और अयोध्या को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के अयोध्या दौरे के दौरान दिए गए बयान पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा— "पराजय काल, विपरीत बुद्धि!"
क्या बोले थे मुख्यमंत्री योगी?
अयोध्या में 432 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस के शासनकाल में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ाने का पाप किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसा किया जा सकता था तो क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने अयोध्या को सनातन संस्कृति की राजधानी के रूप में विकसित किया है। उन्होंने राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, राम की पैड़ी, निषादराज स्मारक और अन्य विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।
अखिलेश यादव का पलटवार
सीएम योगी के बयान के बाद अखिलेश यादव ने X पर संक्षिप्त लेकिन तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा—
"पराजय काल, विपरीत बुद्धि!"
हालांकि उन्होंने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे योगी आदित्यनाथ के बयान का जवाब माना जा रहा है।
मुस्लिम धर्मगुरु की भी प्रतिक्रिया
इस पूरे विवाद पर इस्लामिक स्कॉलर Khalid Rashid Farangi Mahali ने कहा कि मंदिर में पूजा होनी चाहिए और मस्जिद में नमाज। उन्होंने इसे राजनीतिक बयान बताते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।
राजनीतिक माहौल गरम
अयोध्या में विकास परियोजनाओं के मंच से दिए गए मुख्यमंत्री के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा जहां इसे सांस्कृतिक विरासत और विकास से जोड़ रही है, वहीं समाजवादी पार्टी इसे राजनीतिक बयानबाजी बता रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।