देहरादून- उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 से 14 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार वर्षा की चेतावनी को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
14 जुलाई तक कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
आईएमडी के अनुसार 11 जुलाई को देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और चंपावत जिलों में भारी बारिश की संभावना है। 12 जुलाई को चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में मौसम सबसे ज्यादा प्रभावित रह सकता है।
चारधाम यात्रा मार्गों पर बढ़ाई गई निगरानी
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए बदरीनाथ और केदारनाथ यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर यातायात को अस्थायी रूप से रोका भी जा सकता है।
भूस्खलन और जलभराव का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने, सड़कों पर मलबा आने और छोटे नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहेगा। मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी आशंका जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को राहत एवं बचाव दल तैयार रखने, जेसीबी मशीनें तैनात रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। लोगों से खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा न करने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल मौसम विभाग और प्रशासन की आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों की सलाह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई का दूसरा पखवाड़ा उत्तराखंड में मानसून का सबसे संवेदनशील दौर माना जाता है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों और चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।