देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राजस्थान से मिजोरम तक फैली सक्रिय मानसून ट्रफ लाइन और बंगाल-बांग्लादेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण पूर्वी और उत्तरी भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। सबसे अधिक असर पश्चिम बंगाल, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर बंगाल में देखने को मिल सकता है। कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण कई जगह सड़कें धंस गई हैं, पुल टूट गए हैं और नदियां उफान पर हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
क्यों बढ़ गई बारिश की गतिविधियां?
मौसम विभाग के अनुसार इस समय दो प्रमुख मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं-
गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण।
राजस्थान से मिजोरम तक फैली सक्रिय मानसून ट्रफ लाइन।
इन दोनों सिस्टमों के कारण मानसूनी हवाओं को पर्याप्त नमी मिल रही है, जिससे पूर्वी, उत्तरी और उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।
पश्चिम बंगाल में 5 दिन तक बारिश का दौर
दक्षिण बंगाल में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है और फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले
पूर्व बर्धमान
नदिया
बांकुड़ा
भारी बारिश की संभावना
बीरभूम
हुगली
उत्तर 24 परगना
हावड़ा
कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के कई हिस्से
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक रुक-रुक कर हल्की, मध्यम और कई स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है।
उत्तर बंगाल में भी अलर्ट
उत्तर बंगाल के पर्वतीय और तराई क्षेत्रों में भी भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
ऑरेंज अलर्ट
दार्जिलिंग
जलपाईगुड़ी
अलीपुरद्वार
इन जिलों में रविवार तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
पंजाब में 15 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट
लगातार बारिश के कारण पंजाब के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
येलो अलर्ट
पठानकोट
होशियारपुर
रूपनगर
हल्की से मध्यम बारिश
अमृतसर
जालंधर
लुधियाना
मोहाली
पटियाला
कपूरथला
गुरदासपुर
तरनतारन
फतेहगढ़ साहिब
नवांशहर
बरनाला
संगरूर
चंडीगढ़ में बड़ा हादसा
लगातार बारिश के बीच घग्गर नदी में मछली पकड़ने गए तीन युवक तेज बहाव में फंस गए। दो युवक बह गए। एक युवक झाड़ियों का सहारा लेकर बच निकला। राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
हिमाचल प्रदेश में पुल ढहा
किन्नौर जिले की सांगला घाटी को जोड़ने वाला वैली ब्रिज ढह गया। भारी बारिश के बाद पुल के नीचे भूस्खलन होने से वह पहले हवा में लटक गया था और बाद में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इससे घाटी का संपर्क प्रभावित हुआ है।
उत्तराखंड में 14 जुलाई तक हाई अलर्ट
IMD ने 11 से 14 जुलाई तक उत्तराखंड के कई जिलों में-
भारी बारिश
आंधी
बिजली गिरने
भूस्खलन
फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के पन्ना में बड़ा फैसला
लगातार बारिश के कारण झरनों में पानी का बहाव काफी बढ़ गया है। संभावित हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने-
झरनों के बेहद पास जाने,
सेल्फी लेने,
फोटो शूट करने पर अगले दो महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
आदेश बीएनएसएस की धारा 163 के तहत लागू किया गया है।
मछुआरों के लिए चेतावनी
समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
यदि आप प्रभावित राज्यों में हैं तो-
मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें।
नदी, नालों और झरनों के पास न जाएं।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा से बचें।
बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें।
प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।
FAQs
1. सबसे ज्यादा बारिश कहां होने की संभावना है?
पश्चिम बंगाल, उत्तर बंगाल, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में।
2. मानसून ट्रफ लाइन कहां तक फैली है?
राजस्थान से मिजोरम तक।
3. उत्तराखंड में कब तक अलर्ट है?
14 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
4. पंजाब में कितने जिलों के लिए बारिश का पूर्वानुमान है?
करीब 15 जिलों में।
5. पन्ना में क्या प्रतिबंध लगाया गया है?
झरनों के पास जाने, सेल्फी लेने और फोटो खिंचवाने पर अगले दो महीने तक रोक लगाई गई है।
निष्कर्ष
देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राजस्थान से मिजोरम तक फैली मानसून ट्रफ लाइन और बंगाल के ऊपर बने साइक्लोनिक सिस्टम के कारण कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिम बंगाल, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से केवल आधिकारिक मौसम अपडेट के आधार पर ही यात्रा और अन्य गतिविधियों की योजना बनाने की अपील कर रहे हैं।