नई दिल्ली- दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज प्लेबैक सिंगर एस. जानकी के निधन पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने उन्हें भारतीय संगीत जगत की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनकी मधुर आवाज और गीत आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने दिवंगत गायिका के परिवार, प्रशंसकों और पूरे संगीत जगत के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए 'ओम शांति' कहा।
PM मोदी बोले- संगीत जगत ने खो दिया अनमोल सितारा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि एस. जानकी अम्मा का निधन संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि जानकी अम्मा ने अलग-अलग भारतीय भाषाओं में अपनी सुरीली आवाज से हर भावना को जीवंत किया और उनके गीत कई पीढ़ियों के दिलों में हमेशा बसे रहेंगे। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनकी धुनें भविष्य में भी संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध करती रहेंगी।
दक्षिण भारत की 'नाइटिंगेल' थीं एस. जानकी
एस. जानकी को दक्षिण भारत की 'नाइटिंगेल' के नाम से जाना जाता था। प्रशंसक उन्हें प्यार से 'जानकी अम्मा' कहकर पुकारते थे। उन्होंने बेहद कम उम्र में अपने संगीत सफर की शुरुआत की और लगभग छह दशक तक भारतीय संगीत जगत पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। अपने करियर में उन्होंने करीब 48 हजार से अधिक गीत रिकॉर्ड किए और तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, हिंदी सहित लगभग 20 भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।
1957 से शुरू हुआ था शानदार संगीत सफर
एस. जानकी ने वर्ष 1957 में तमिल फिल्म विधिइन विलायाट्टु से बतौर प्लेबैक सिंगर अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार एक से बढ़कर एक सुपरहिट गीत गाए और भारतीय फिल्म संगीत की सबसे प्रतिष्ठित गायिकाओं में शामिल हो गईं। उनका छह दशक लंबा संगीत सफर कई यादगार गीतों और अनगिनत उपलब्धियों से भरा रहा।
पद्म भूषण लेने से किया था इनकार
साल 2013 में एस. जानकी ने पद्म भूषण सम्मान स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। उनका मानना था कि उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के लिए चुना जाना चाहिए। अपने शानदार योगदान के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका के चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले थे।