विदेश यात्रा पर निकले 15 भारतीय परिवारों के लिए वियतनाम की यह ट्रिप जिंदगी का सबसे दर्दनाक अध्याय बन गई। फु क्वोक (Phu Quoc) द्वीप के पास हुए भीषण स्पीड बोट हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर अब भारत लाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। वियतनाम में भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सभी कानूनी और कांसुलर औपचारिकताएं तेजी से पूरी कर रहा है, ताकि शवों को जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके। इस हादसे ने न सिर्फ भारत, बल्कि वियतनाम में भी शोक की लहर पैदा कर दी है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल के परिवार अपनों के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारें लगातार दूतावास के संपर्क में हैं और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है।
हो ची मिन्ह सिटी भेजे गए सभी पार्थिव शरीर
भारतीय दूतावास के अनुसार, फु क्वोक से सभी 15 पार्थिव शरीर हो ची मिन्ह सिटी भेजे जा रहे हैं। वहां पहुंचने के बाद स्थानीय प्रशासन, अस्पताल और भारतीय दूतावास मिलकर आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करेंगे। इन औपचारिकताओं में पहचान की पुष्टि, मृत्यु प्रमाणपत्र, कांसुलर क्लियरेंस और एयर कार्गो से शवों को भारत भेजने की प्रक्रिया शामिल है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही पार्थिव शरीर विशेष व्यवस्था के तहत भारत भेजे जाएंगे।
तमिलनाडु सरकार ने अधिकारियों को दिए विशेष निर्देश
हादसे के बाद तमिलनाडु सरकार तुरंत सक्रिय हो गई। राज्य सरकार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवारों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और उन्हें हर जरूरी जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। केंद्र सरकार ने भी मृतकों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस सूची के अनुसार-
तमिलनाडु के 10 नागरिक
आंध्र प्रदेश के 3 नागरिक
केरल के 2 नागरिक
इस हादसे में अपनी जान गंवा चुके हैं।
आखिर कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे के समय समुद्र का मौसम अचानक खराब हो गया था। बताया जा रहा है कि-
समुद्र में तेज हवाएं चल रही थीं।
ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगीं।
इसी दौरान पर्यटकों से भरी स्पीड बोट का संतुलन बिगड़ गया।
कुछ ही क्षणों में बोट पलट गई।
हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की जांच अभी भी जारी है और स्थानीय प्रशासन विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
कुछ ही मिनटों में शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
स्पीड बोट पलटने की सूचना मिलते ही वियतनाम के कोस्ट गार्ड और बॉर्डर गार्ड ने तत्काल राहत अभियान शुरू कर दिया। करीब 35 बचावकर्मी मौके पर पहुंचे और खराब मौसम के बावजूद पर्यटकों को बचाने की कोशिश की। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण रहा।
क्यों बढ़ रहा है भारतीयों का वियतनाम जाना?
पिछले कुछ वर्षों में वियतनाम भारतीय पर्यटकों के पसंदीदा विदेशी पर्यटन स्थलों में शामिल हो गया है। इसके पीछे कई वजहें हैं-
किफायती हवाई टिकट
आसान ई-वीजा सुविधा
खूबसूरत समुद्री तट
भारतीय पर्यटकों के अनुकूल पर्यटन व्यवस्था
सांस्कृतिक समानताएं
आंकड़ों के अनुसार-
2023 में लगभग 3.92 लाख भारतीय वियतनाम पहुंचे।
2024 में यह संख्या बढ़कर करीब 5 लाख हो गई।
भारत अब वियतनाम के लिए 8वां सबसे बड़ा पर्यटन स्रोत बाजार बन चुका है।
भारत लौटने के बाद क्या होगी प्रक्रिया?
पार्थिव शरीर भारत पहुंचने के बाद संबंधित राज्यों को सौंपे जाएंगे। इसके बाद स्थानीय प्रशासन और जिला अधिकारियों की मौजूदगी में शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
FAQs
1. वियतनाम बोट हादसे में कितने भारतीयों की मौत हुई?
इस हादसे में 15 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है।
2. शवों को कहां ले जाया गया है?
सभी पार्थिव शरीर फु क्वोक से हो ची मिन्ह सिटी भेजे गए हैं।
3. किन राज्यों के लोगों की मौत हुई?
तमिलनाडु के 10, आंध्र प्रदेश के 3 और केरल के 2 लोगों की जान गई है।
4. हादसे की संभावित वजह क्या बताई जा रही है?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें हादसे की संभावित वजह मानी जा रही हैं। अंतिम कारण जांच के बाद स्पष्ट होगा।
5. शव भारत कब लाए जाएंगे?
भारतीय दूतावास के अनुसार स्थानीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शवों को जल्द हवाई मार्ग से भारत भेजा जाएगा।
निष्कर्ष
वियतनाम का यह दर्दनाक हादसा कई भारतीय परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला जख्म बन गया है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता सभी पार्थिव शरीरों को सम्मानपूर्वक भारत लाकर उनके परिजनों तक पहुंचाना है। भारतीय दूतावास, केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारें इस पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जबकि हादसे के कारणों की जांच भी जारी है।