छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति, विकास और पुनर्वास को नई गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने घोषणा की है कि नक्सल मुक्त घोषित होने वाले प्रत्येक गांव को 1-1 करोड़ रुपये का विशेष विकास पैकेज दिया जाएगा। इस राशि से बुनियादी सुविधाएं, रोजगार के अवसर और ग्रामीण विकास कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा। शनिवार को मंत्रालय महानदी भवन में पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन नक्सल मामलों में गंभीर जनहानि नहीं हुई है, उनकी कानूनी समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पुनर्वास, आवास, आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को प्रोत्साहन राशि और नक्सल मुक्त गांवों में राष्ट्रीय एकता के कार्यक्रमों को लेकर भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
नक्सल मुक्त गांवों को मिलेगा ₹1 करोड़ का विकास पैकेज
राज्य सरकार का लक्ष्य केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना नहीं, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई धारा पहुंचाना भी है। सरकार ने फैसला किया है कि जिन गांवों को आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित किया जाएगा, वहां एक-एक करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे। इन पैसों का उपयोग सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक भवन और रोजगार सृजन जैसी योजनाओं में किया जा सकेगा।
किन मामलों की होगी कानूनी समीक्षा?
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि-
जिन मामलों में गंभीर जनहानि नहीं हुई है, उनकी कानूनी समीक्षा की जाएगी।
विधि विभाग के सहयोग से सरकारी वकीलों और अभियोजन अधिकारियों की विशेष टीम बनाई जाएगी।
प्रत्येक मामले का अलग-अलग अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
जहां कानूनी रूप से संभव होगा, वहां प्रकरण वापस लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
हालांकि, गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी।
हर सप्ताह होगी प्रगति की समीक्षा
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन मामलों की प्रगति की समीक्षा हर सप्ताह संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में की जाए। इसका उद्देश्य पात्र लोगों को समय पर राहत देना और लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाना है।
15 अगस्त तक हर नक्सल मुक्त गांव में तिरंगा यात्रा
सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले सभी नक्सल मुक्त गांवों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत-
हर गांव में तिरंगा फहराया जाएगा।
तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी।
राष्ट्रीय एकता, जनभागीदारी और विश्वास बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
पुनर्वासित परिवारों को मिलेगा आवास और आर्थिक सहायता
बैठक में यह भी तय किया गया कि-
सभी पात्र नक्सल पीड़ित एवं पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान उपलब्ध कराए जाएंगे।
आत्मसमर्पण कर चुके युवाओं को पुनर्वास नीति के तहत घोषित प्रोत्साहन राशि एक महीने के भीतर देने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य मुख्यधारा में लौटे लोगों को स्थायी आजीविका और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
ग्रामीण विकास योजनाओं की भी हुई समीक्षा
पुलिस विभाग की समीक्षा के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि-
विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
अगले आठ महीनों के सभी लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता पर किया जाए।
FAQs
1. नक्सल मुक्त गांवों को कितनी राशि मिलेगी?
प्रत्येक नक्सल मुक्त घोषित गांव को ₹1 करोड़ का विकास पैकेज मिलेगा।
2. किन मामलों की कानूनी समीक्षा होगी?
ऐसे मामलों की, जिनमें गंभीर जनहानि नहीं हुई है और जहां कानूनी रूप से समीक्षा संभव है।
3. समीक्षा कौन करेगा?
विधि विभाग की सहायता से सरकारी वकीलों और अभियोजन अधिकारियों की विशेष टीम मामलों का अध्ययन करेगी।
4. पुनर्वासित परिवारों को क्या लाभ मिलेगा?
पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास और आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
5. 15 अगस्त को क्या विशेष कार्यक्रम होंगे?
सभी नक्सल मुक्त गांवों में तिरंगा फहराया जाएगा और तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ सरकार की नई पहल सुरक्षा और विकास को साथ लेकर चलने की रणनीति का हिस्सा है। नक्सल मुक्त गांवों के लिए ₹1 करोड़ के विकास पैकेज, कानूनी समीक्षा, पुनर्वास योजनाओं और तिरंगा यात्रा जैसे कदमों का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास बहाल करना और स्थायी विकास सुनिश्चित करना है।