मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर के बीएसएफ परिसर से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत राज्यव्यापी हरियाली महाअभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और कहा कि "पर्यावरण के लिए हमसे जो भी हो सकेगा, वो सब करेंगे।" कार्यक्रम में बीएसएफ ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया। मुख्यमंत्री ने अभियान के दौरान बीएसएफ के जवानों और पृथ्वी संस्था के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इंदौर में इस अभियान के तहत 21 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है, जबकि केवल 12 जुलाई को शहर में 1 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। बीएसएफ परिसर में ही 51 हजार पौधों का रोपण किया गया।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर CM का बड़ा संदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार जल संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चला रही है और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि "पर्यावरण के लिए हमसे जो भी हो सकेगा, वो सब करेंगे।"
मां अहिल्याबाई की विरासत का किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने इंदौर को मां अहिल्याबाई होल्कर की नगरी बताते हुए कहा कि उन्होंने प्रकृति और जल संरक्षण को हमेशा महत्व दिया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई के शासनकाल में बड़ी संख्या में बावड़ियां और जल संरचनाएं बनाई गईं, जो आज भी पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देती हैं।
जल संरक्षण पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर काम किया है। उनके अनुसार-
10 हजार करोड़ रुपये के कार्य पूरे किए गए।
करीब 3 लाख जल संरक्षण कार्य संपन्न हुए।
तीन महीने तक विशेष जल संरक्षण अभियान चलाया गया।
उन्होंने मध्य प्रदेश को "नदियों का मायका" बताते हुए कहा कि यहां से निकलने वाली क्षिप्रा, गंभीर और चंबल जैसी नदियां देश के बड़े नदी तंत्र का हिस्सा हैं।
अल नीनो और जलवायु परिवर्तन पर भी जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते मौसम और अल नीनो जैसी परिस्थितियां पर्यावरण के लिए चुनौती बन रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण ही जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने का प्रभावी माध्यम है और पेड़ मानव जीवन के सबसे बड़े संरक्षक हैं।
इंदौर निभा रहा अग्रणी भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह इंदौर ने स्वच्छता अभियान में देशभर में पहचान बनाई, उसी तरह अब पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी शहर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने नागरिकों से भी पौधरोपण कर उसकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
FAQs
1. 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की शुरुआत कहां हुई?
इंदौर के BSF परिसर से।
2. इंदौर में कितने पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है?
कुल 21 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है।
3. 12 जुलाई को कितने पौधे लगाए जा रहे हैं?
पूरे इंदौर में 1 लाख पौधे, जबकि BSF परिसर में 51 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं।
4. मुख्यमंत्री ने क्या घोषणा की?
उन्होंने BSF के जवानों और पृथ्वी संस्था को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
5. जल संरक्षण को लेकर सरकार का क्या दावा है?
सरकार का कहना है कि 10 हजार करोड़ रुपये के लगभग 3 लाख जल संरक्षण कार्य पूरे किए गए हैं।
निष्कर्ष
इंदौर से शुरू हुआ 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का बड़ा संदेश भी देता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरियाली, जल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर देते हुए प्रदेशवासियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।