मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव साल के अन्त में होने जा रहा है। राजनैतिक दल सभी सामाजिक संगठनों को साधने की कोशिश कर रहे हैं। विगत कुछ समय पूर्व कई सामाजिक संगठनों ने राजनीतिक हिस्सेदारी के साथ साथ कई अन्य मांगो को लेकर सियासी दलों पर दबाव बनाते देखे गए थे। कांग्रेस (MP Congress) ने पुजारी प्रकोष्ठ, जाट महासभा,मांझी समाज के कार्यक्रम में शामिल हों उनकी मांगें और सरकार बनते ही उनपर अमल करने की बात कही। कांग्रेस अब कोरी कोली समाज के साथ सम्मेलन कर उनको साधने की कोशिश करने जा रही है।
कोरी कोली समाज का अधिवेशन (MP Congress)
मध्यप्रदेश की करीब आधे से ज्यादा आबादी एससी एसटी ओबीसी वर्ग की है। बात अगर कोरी कोली समाज की करे तो इनकी आबादी लगभग 42 लाख के आसपास है। यहीं वजह है कि कांग्रेस हो या सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी किसी भी समाज को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।
कोरी कोली समाज के आगामी अधिवेशन पर कांग्रेस सरकार में रहे पूर्व मंत्री पी सी शर्मा ने कहा कि, कमलनाथ जी की यह सोच है कि पिछले वर्गो को अग्रिम पंक्ति तक कैसे पहुंचाया जाए। इसको लेकर चर्चा करते हैं, सरकार बनने पर कैसे हल करेगें।
भाजपा ने कसा तंज
कोरी कोली समाज के होने वाले कार्यक्रम पर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए कहा कि, जाट, केवट सहित कई सार्वजनिक कार्यक्रम था जिसमे मुख्य्मंत्री जी की भागीदारी थी। कांग्रेस इन कार्यक्रमों में जाकर राजनिति करते हैं। कांग्रेस अंग्रेजो की तरह फूट डालो और राज करो की नीति पर काम करती है।
हालंकि चुनावी वर्ष के शुरूवात से देखा जा रहा है कि तमाम समाज और वर्ग के लोगों ने राजधानी में हल्ला बोला हुआ है। कई समाजों को पीसीसी चीफ कमलनाथ ने वादा किया कि सरकार बनाते ही उनकी मांगो को पूरा कर दिया जाएगा। वही इन्ही जगहों पर प्रदेश के मुख्य्मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल एलान कर समाज को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब देखने वाली बात यह होगी कि चुनावों मे ये समाज किसे सत्ता के सिंहासन पर बैठाती हैं।
Written By: Pradeep Talreja
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