डबरा स्थित नवग्रह शक्तिपीठ में चल रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के नौवें दिन कथा का विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों, वैदिक मंत्रोच्चार और संतों के सान्निध्य में पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना रहा।
नरोत्तम मिश्रा ने दी कार्यक्रम को नई दिशा
नरोत्तम मिश्रा ने डबरा नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में न केवल आर्थिक और व्यवस्थागत सहयोग दिया, बल्कि भक्तों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर आयोजन की सुरक्षा, सुविधा और अनुशासन सुनिश्चित किया। उनके नेतृत्व में यह महोत्सव न केवल धार्मिक रूप से भव्य बना, बल्कि मध्य प्रदेश में आस्था और संस्कृति का एक प्रतीक भी बन गया।
नरोत्तम मिश्रा के प्रयासों से साकार हुआ ऐतिहासिक नवग्रह शक्तिपीठ
कथा समापन के अवसर पर धीरेंद्र कुमार शास्त्री ने मंच से कहा कि यह नवग्रह शक्तिपीठ सदियों तक याद रखा जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से नरोत्तम मिश्रा के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से यह भव्य और दिव्य धाम साकार हो सका।शास्त्री ने कहा कि 16 खंभों के मध्य 64 योगिनियों और नवग्रहों की स्थापना इसे ऐतिहासिक तांत्रिक शक्तिपीठ बनाती है। यह ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, डबरा सहित पूरे मध्य प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
दिव्य दरबार में जरूरतमंद वृद्धा की मदद
कार्यक्रम के दौरान दिव्य दरबार भी लगाया गया, जिसमें एक वृद्ध महिला ने आर्थिक तंगी और बीमारी की समस्या बताई। बताया गया कि दवाइयों के लिए भी उसके पास पर्याप्त साधन नहीं थे। इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी ओर से 50 हजार रुपये की सहायता दी और उपस्थित लोगों से भी सहयोग की अपील की। दरबार में कुल 1 लाख 6 हजार रुपये एकत्र हुए। शास्त्री ने महिला को राशि की एफडी कराने और ब्याज से नियमित इलाज कराने की सलाह दी।
दरबार में ‘भूत-प्रेत बाधा’ के दावों पर अनुष्ठान
दिव्य दरबार के दौरान कुछ लोगों ने कथित रूप से भूत-प्रेत बाधा या अन्य परेशानियों की बात कही। इस पर शास्त्री ने धार्मिक विधि से झाड़-फूंक और जल छिड़काव कर अनुष्ठान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे आयोजन के दौरान आस्था का वातावरण बना रहा।
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