रायपुर। प्रदेश में बिजली की नई दरों को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा 19 और 20 फरवरी को दो दिवसीय सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जाएगी। यह सुनवाई वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित नए टैरिफ पर केंद्रित होगी।
सभी श्रेणियों के उपभोक्ता रखेंगे पक्ष
आयोग की इस सुनवाई में कृषि, घरेलू, वाणिज्यिक तथा उच्च दाब (HT) उपभोक्ता अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। अलग-अलग समय स्लॉट में दो दिनों तक यह प्रक्रिया चलेगी, ताकि सभी वर्गों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिल सके।
समान बढ़ोतरी का प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने वर्ष 2026-27 के लिए सभी श्रेणियों में समान दर वृद्धि का प्रस्ताव आयोग के समक्ष रखा है। कंपनी के अनुसार, वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह कदम आवश्यक है।
6308.24 करोड़ रुपये के राजस्व अंतर की भरपाई
बिजली वितरण कंपनी ने बताया है कि लगभग 6308.24 करोड़ रुपये के राजस्व अंतर (Revenue Gap) की भरपाई के लिए दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया गया है। कंपनी का तर्क है कि बढ़ती लागत, विद्युत क्रय मूल्य और परिचालन व्यय के कारण यह अंतर उत्पन्न हुआ है।
पारदर्शिता और जनभागीदारी पर जोर
आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि टैरिफ निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी और सभी आपत्तियों व सुझावों पर विचार करने के बाद ही अंतिम दरें घोषित की जाएंगी।
आगे क्या?
सुनवाई के बाद आयोग सभी पक्षों की दलीलों की समीक्षा करेगा और वित्तीय आंकड़ों का विश्लेषण कर अंतिम टैरिफ आदेश जारी करेगा। नई दरें वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू हो सकती हैं।
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