मध्य प्रदेश की 230 विधानसभाओं के लिए 17 नवंबर को हुए मतदान को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ खासे अलर्ट थे। वो छिंदवाड़ा में मतदान करने के बाद सुबह 10 बजे ही प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंच गए थे। कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बने वॉर रूम से ही प्रदेश भर की मतगणना पर नजर बनाई थी। कमलनाथ के साथ वकीलों की टीम भी मौजूद थी।
सीनियर नेताओं के साथ करेंगे समीक्षा बैठक
मतदान के बाद अब मतगणना को लेकर भी पीसीसी चीफ कमलनाथ अलर्ट हैं। बताया जा रहा है कि कमलनाथ दो दिसंबर को भोपाल जाएंगे। वो भोपाल में दो दिसंबर की रात को ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीनियर नेताओं के साथ बैठक करेंगे, जबकि तीन दिसंबर की सुबह कमलनाथ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंच जाएंगे, जहां वो दिन भर प्रदेश भर से आने वाले चुनाव परिणामों और नतीजों की समीक्षा करेंगे। पीसीसी चीफ कमलनाथ के साथ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कानूनी विशेषज्ञ और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के एक्सपर्ट भी मौजूद रहेंगे।कमलनाथ की सीनियर नेताओं से अपील
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी पार्टी के सीनियर नेताओं से अपील की है कि वो तीन दिसंबर को होने वाली मतगणना से पहले भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पहुंचें। बता दें प्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर कमलनाथ खासे गंभीर हैं। इधर कांग्रेस काउंटिंग से पहले अपने सभी 230 प्रत्याशी और एजेंट्स को मतगणना की विशेष ट्रेनिंग दे चुकी है। चार दिन पहले सभी प्रतयाशियों को भोपाल बुलाया गया था। यहां दो शिफ्टों में प्रत्याशियों की ट्रेनिंग हुई थी। पहली शिफ्ट सुबह 11 बजे से शुरू की गई थी।दो शिफ्ट में दिया गया प्रशिक्षण
इस शिफ्ट में रीवा, शहडोल, जबलपुर, ग्वालियर-चंबल संभाग के कांग्रेस प्रत्याशियों को ट्रेनिंग दी गई, जबकि दूसरी पाली 2:30 बजे से शुरू हुई। इसमें इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, भोपाल और सागर संभाग के प्रत्याशियों को ट्रेनिंग दी गई। सभी 230 कांग्रेस प्रत्याशियों की विशेष ट्रेनिंग में उन्हें तीन दिसंबर को मतगणना के दौरान ईवीएम से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी को किस तरह से रोका जाए। साथ ही उन्हें बताया गया कि किस तरह काउंटिंग पर नजर रखने के साथ-साथ मतगणना केन्द्रों पर क्या सावधानी बरतनी है।Read More: व्यक्ति और परिस्थितियों ने मुझे नेता बनाया, अब खनन मेरा सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा - उमा भारती
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