Bilaspur: न्यायधानी में एक कार्यक्रम में पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चमत्कारी बाबाओं (Avimukteshwaranand on Bageshwar Dham) को लेकर तंज कसा। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि जोशीमठ में अभी ऐसे चमत्कारी पुरुष की जरूरत है। चमत्कारी बाबा वहां अपना चमत्कार दिखाए। पत्रकारों से चर्चा करते हुए देश के विभाजन व धर्मांतरण पर भी अपनी बात कही। हाल ही में बागेश्वर धाम को लेकर कई विवाद खड़े हुए। ऐसे में अविमुक्तेश्वरानंद का ये बयान सीधा बागेश्वर धाम के तरफ ईशारा कर रहा है।
चमत्कारों को लेकर कही ये बात
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गुजराती समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में टिकरापारा स्थित गुजरानी भवन में पहुंचे थे। प्रवचन के बाद पत्रकारों से चर्चा की। पत्रकारों ने उनसे चमत्कारों के (Avimukteshwaranand on Bageshwar Dham) बारे मे पूछा। इस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि देश को चमत्कारों की आज सख्त जरूरत है पर हम वेदों के अनुसार ऐसे चमत्कारों को मानते हैं, जिससे जनता का भला हो।
जोशीमठ को चमत्कार की जरूरत: अविमुक्तेश्वरानंद
कोई यदि अपने साथ लाए नारियल से यदि चुनरी निकाल देता है तो ऐसे चमत्कार से क्या लाभ। यदि नारियल से सोना भी निकाल दे तो भी क्या लाभ। चमत्कार दिखाना ही है तो जोशीमठ में इसकी सख्त जरूरत है। जोशी मठ जाकर चमत्कार दिखा कर उसे चमत्कारी बाबा बचा लें। यदि कोई बाबा अपने चमत्कारों से जोशी मठ को बचा लेगा तो हम उसे फूल बिछा कर बुलाएंगे कि आओ हमारे घर की दीवार में दरार हैं, उसे ठीक कर दो। सारे देश की जनता अभी चमत्कार चाहती हैं।
अनुष्ठान करने से टल सकती है आपदा
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हमने ज्योतिषियों से ज्योतिष प्रश्नावली के आधार पर प्रश्न तैयार कर पूछा है कि क्या जोशीमठ को बचाया जा सकता है। किस आधार पर ऐसा आप कह सकते हैं। तब ज्योतिषियों ने ज्योतिष गणना के आधार पर बताया है कि हम किन अनुष्ठानों को करके जोशीमठ आपदा से निपट सकते हैं। उसे हम कर भी रहे हैं। जोशीमठ में कोई दैवीय आपदा के होने से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मना करते हुए कहा कि वहां दो कंपनियों के टनल बन रहे हैं, जिसके लिए सड़कों में ब्लास्ट हो रहे, इसलिए ऐसा हो रहा।
हिंदू-मुस्लिम के साथ रहने पर कही ये बात
पत्रकारों ने जब हिंदू-मुस्लिम के एक साथ रहने पर सवाल पूछा तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम वसुधैव कुटुंबकम की भावना वाले लोग हैं। हमें किसी के साथ रहने में दिक्कत नहीं है। मगर जब अंग्रेजों के खिलाफ हिंदू और मुसलमानों ने मिलकर लड़ाई लड़ी और स्वतंत्रता प्राप्त की। उसके बाद मुस्लिम लीग के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने अलग पाकिस्तान की मांग की। कहा कि हम मुस्लिम एक साथ एक ही जगह रहेंगे, तभी खुश रहेंगे। इस बात पर देश के टुकड़े करवा दिया। उसके बाद भी बड़ी संख्या में मुस्लिम यहां रहे और हमारे साथ आज खुश भी हैं। जब मुसलमानों को बंटवारे के बाद भी यही रहना है और वे हमारे साथ रहने में खुश भी हैं तो फिर अलग से पाकिस्तान की क्या जरूरत। पाकिस्तान को भारत में मिलाकर अखंड राष्ट्र बना देना चाहिए।
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