उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नरसिंहपुर में आयोजित कृषि उद्योग समागम-2025 के दौरान ₹116 करोड़ की लागत से निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगातें प्रदान कीं। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी मौजूद रहे।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि उद्योग समागम के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस पहल का अन्य राज्यों को भी अनुसरण करना चाहिए। किसान हमारे अन्नदाता हैं। अन्नदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि किसान भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बेहद कर्मठ और कार्यशील है। कोई ऐसा दिन नहीं रहता, जब वे गांव, गरीब और किसान की चिंता न करें। मध्यप्रदेश सरकार ने गांव-किसान और उद्योग को जोड़ने की अभिनव पहल शुरू की है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि-उद्योग समागम के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि देश का हर राज्य मध्यप्रदेश की इस पहल का अनुकरण करेगा।
116 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के 86 विकासकार्यों का लोकार्पण-भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के मामले में शस्य श्यामला है। नरसिंहपुर पर मां नर्मदा की विशेष कृपा है। नरसिंहपुर जिला दाल का कटोरा है, यहां की तुअर दाल को जीआई टैग मिला है। दाल उत्पादक किसान देशभर में पहचान बना चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश तो नदियों का मायका है। मध्यप्रदेश 247 नदियों का उद्गम है, जो देश में सर्वाधिक है। यहां घने जंगल नदियों एवं जलराशि को समृद्ध करते हैं। मध्यप्रदेश को मां नर्मदा का आशीर्वाद मिला हुआ है। नर्मदा मध्यप्रदेश के साथ-साथ गुजरात और राजस्थान को भी जल प्रदान करती है। महाकौशल, मालवा और निमाड़ का कुछ हिस्सा मां नर्मदा से सिंचित है। मालवा की तरह बुंदेलखंड में केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना से समृद्धि आएगी। प्रदेश सरकार ने तीन बड़ी नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। पार्वती-काली सिंध-चंबल और तापी मेगा रिचार्ज परियोजना के माध्यम से मध्यप्रदेश विश्वस्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।
किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए लगाए जा रहे किसान मेले
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश में सर्वाधिक गेहूं उत्पादन में मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर है। राज्य सरकार ने किसानों से 2600 रूपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा है। नई कृषि तकनीकों और नवाचारों से किसानों का जीवन और बेहतर बनाने के लिए हमारी सरकार मिशन मोड पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन 'ज्ञान' को क्रियान्वित करने के लिए हमारी सरकार ने गरीब, युवा, किसान (अन्नदाता), और नारी के सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में चार मिशन लॉन्च किए हैं। किसान कल्याण मिशन इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। हमने किसानों को 32 लाख सोलर पंप बांटने की योजना लागू की है। किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं। किसानों को सम्पन्न बनाने के लिए सरकार ने किसान मेले शुरू किए हैं इसमें अन्नदाताओं को अनुदान पर आधुनिक कृषि यंत्र दिए जाएंगे।
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