राजधानी में करीब आठ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद कचना रेलवे ओवरब्रिज को आम जनता के लिए खोल दिया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 48.78 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ओवरब्रिज का लोकार्पण किया। इससे क्षेत्र के लाखों लोगों को रोजाना ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
हर 15 मिनट में बंद होता था रेलवे फाटक
787 मीटर लंबे और 13 मीटर चौड़े इस ओवरब्रिज के शुरू होने से कचना रेलवे फाटक पर लगने वाला भारी जाम समाप्त होगा। पहले यहां औसतन हर 15 मिनट में फाटक बंद होता था, जिससे सुबह और शाम के समय लंबा जाम लग जाता था और स्कूली बच्चों, एंबुलेंस तथा ऑफिस जाने वालों को काफी परेशानी होती थी।इस ओवरब्रिज से शंकरनगर, जोरा, वीआईपी कॉलोनी, खम्हारडीह, भावना नगर, कचना सहित एक दर्जन से अधिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। शंकरनगर और विधानसभा रोड की आवाजाही भी अब अधिक सुगम हो जाएगी।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार पुल पर सर्विस लेन, रोड मार्किंग, रिफ्लेक्टिव साइन और आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे रात के समय भी सुरक्षित यात्रा संभव होगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परियोजना कचना, खम्हारडीह और आसपास के क्षेत्रों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करती है। इससे स्कूल, कॉलेज, कार्यालय और व्यापार से जुड़े लोगों को निर्बाध यातायात सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि यह ओवरब्रिज क्षेत्र की लगभग 25 कॉलोनियों के लिए जीवनरेखा साबित होगा। इससे बिलासपुर और बलौदाबाजार की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।