मध्यप्रदेश सरकार ने तबादला नीति 2026 जारी कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा शुक्रवार 22 मई को जारी नई नीति के अनुसार राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादले 1 जून से 15 जून 2026 के बीच किए जाएंगे। इस अवधि के बाद सामान्य ट्रांसफर पर रोक रहेगी और विशेष परिस्थितियों में ही विभागीय मंत्री या प्रशासनिक मंजूरी के बाद तबादले किए जा सकेंगे।
IAS, IPS और IFS अधिकारियों पर लागू नहीं होगी नीति
नई ट्रांसफर पॉलिसी आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, न्यायिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा, वन सेवा और मंत्रालय सेवा के अधिकारियों पर लागू नहीं होगी। यह व्यवस्था केवल राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए लागू रहेगी।
बड़े विभाग बना सकेंगे अलग ट्रांसफर नीति
प्रदेश के बड़े विभाग अपनी आवश्यकता के अनुसार अलग ट्रांसफर नीति बना सकेंगे, लेकिन इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग की मंजूरी आवश्यक होगी। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद ही ऐसे तबादले किए जा सकेंगे।
विशेष परिस्थितियों में CM की मंजूरी जरूरी
नीति के बाहर होने वाले ट्रांसफर के लिए मुख्यमंत्री की मंजूरी अनिवार्य होगी। गंभीर बीमारी, कोर्ट के आदेश, लोकायुक्त या ईओडब्ल्यू जांच, लापरवाही, प्रमोशन, प्रतिनियुक्ति और सेवानिवृत्ति जैसी विशेष परिस्थितियों में प्रतिबंध अवधि के दौरान भी तबादले किए जा सकेंगे।
कलेक्टर करेंगे जिला स्तर की पोस्टिंग
डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, तहसीलदार और नायब तहसीलदार की पोस्टिंग का अधिकार कलेक्टर को दिया गया है। जिला संवर्ग तथा तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जिले के भीतर तबादले कलेक्टर करेंगे, लेकिन इसके लिए प्रभारी मंत्री की मंजूरी आवश्यक होगी।
पुलिस विभाग में अलग व्यवस्था
पुलिस विभाग में डीएसपी से नीचे के अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर का निर्णय पुलिस स्थापना बोर्ड करेगा। वहीं जिले के भीतर पुलिस अधीक्षक पदस्थापना कर सकेंगे। डीएसपी और उससे ऊपर के अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री की मंजूरी से होंगे।
अनुसूचित क्षेत्रों को प्राथमिकता
सरकार ने अनुसूचित क्षेत्रों में खाली पदों को प्राथमिकता से भरने के निर्देश दिए हैं। इन क्षेत्रों में सामान्यत: तीन साल पूरा होने के बाद ही तबादला किया जाएगा।
पति-पत्नी और दिव्यांग कर्मचारियों को राहत
पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने वाले मामलों को अलग श्रेणी में रखा जाएगा। वहीं 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग कर्मचारियों का सामान्यत: ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को गृह जिले में पोस्टिंग देने पर विचार किया जाएगा।
रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों को राहत
जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में एक साल से कम समय बचा होगा, उनका सामान्यत: ट्रांसफर नहीं किया जाएगा।
ई-ऑफिस से जारी होंगे सभी आदेश
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी ट्रांसफर आदेश ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से जारी किए जाएंगे। साथ ही ट्रांसफर के बाद कर्मचारियों को दो सप्ताह के भीतर कार्यमुक्त होना अनिवार्य होगा।