मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के तहत गुरुवार को सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिलों का दौरा कर शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान अफसरों के प्रति मुख्यमंत्री का सख्त रुख देखने को मिला। चिरमिरी में तीनों जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में गंभीर अनियमितताओं और गड़बड़ी का मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया। इसके साथ ही खाद घोटाले में कोरिया के शाखा प्रबंधक को भी सस्पेंड कर दिया गया। सीएम के इस कड़े रुख से बैठक में मौजूद तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी और जिला पंचायत सीईओ सन्न रह गए।
तीनों जिलों के परीक्षा परिणामों की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई
किसानों के अधिकारों में लापरवाही और खाद वितरण में अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि भ्रष्टाचार पर सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति सख्ती से लागू की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और कलेक्टरों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए, अन्यथा जिम्मेदारी सीधे कलेक्टरों की होगी।
इसके अलावा तीनों जिलों के स्कूलों के खराब परीक्षा परिणामों पर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए कि आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए तुरंत प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें और स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए।