मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब विभिन्न सरकारी भर्तियों के लिए उम्मीदवारों को बार-बार प्रारंभिक परीक्षाएं नहीं देनी होंगी। इसके स्थान पर सालभर में केवल तीन एलिजिबिलिटी टेस्ट आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्राप्त अंकों के आधार पर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों के लिए पात्र माना जाएगा।
अक्टूबर 2026 से लागू होंगे नए नियम, मांगे गए सुझाव
राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े नए नियमों का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। ये नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू किए जाएंगे और वर्ष 2013 के पुराने नियमों की जगह लेंगे। सरकार ने इस ड्राफ्ट पर आम जनता से 5 जून 2026 तक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
नए प्रावधान लागू होने के बाद मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) को छोड़कर अन्य सभी सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया कर्मचारी चयन मंडल द्वारा संचालित की जाएगी। इसके बाद कोई भी विभाग अलग से भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं कर सकेगा।
ढाई साल तक मान्य रहेगा स्कोर कार्ड
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी चयन मंडल सामान्य, तकनीकी और शिक्षक पात्रता से जुड़े एलिजिबिलिटी टेस्ट आयोजित करेगा। इन परीक्षाओं में निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को स्कोर कार्ड जारी किया जाएगा।अभ्यर्थी इसी स्कोर कार्ड के आधार पर विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेंगे। खास बात यह है कि यह स्कोर कार्ड जारी होने की तारीख से ढाई साल तक वैध रहेगा।