मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में तबादला प्रक्रिया को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार अब कोई भी पुलिसकर्मी एक ही थाने में 5 साल से अधिक समय तक पदस्थ नहीं रह सकेगा। इसके साथ ही जिस थाने में कर्मचारी अपनी पोस्टिंग अवधि पूरी कर चुका होगा, वहां दोबारा उसकी नियुक्ति नहीं की जाएगी।
एक थाने में अधिकतम 5 साल की पोस्टिंग
मप्र पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी पुलिस कर्मचारी की एक ही थाने में एक पद पर सामान्यत: 4 साल और अधिकतम 5 साल तक ही पदस्थापना रहेगी। इसका उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाना बताया गया है।
पुराने थाने में दोबारा पोस्टिंग नहीं मिलेगी
नए दिशा-निर्देशों के तहत किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी को पोस्टिंग अवधि पूरी होने के बाद उसी थाने में फिर से पदस्थ नहीं किया जाएगा। इससे लंबे समय तक एक ही स्थान पर जमे रहने की व्यवस्था खत्म होगी।
3 साल का अंतर रखना होगा अनिवार्य
यदि किसी पुलिसकर्मी को अलग-अलग पदों पर एक ही थाने में नियुक्त किया जाता है, तो दोनों पोस्टिंग के बीच कम से कम 3 साल का अंतर रखना अनिवार्य होगा।
एक अनुविभाग में अधिकतम 10 साल तक ही पोस्टिंग
आरक्षक से लेकर उप-निरीक्षक स्तर तक के कर्मचारियों के लिए यह भी तय किया गया है कि किसी एक अनुविभाग में अलग-अलग पदों पर कुल पोस्टिंग अवधि 10 साल से अधिक नहीं होगी।
1 से 5 जून के बीच जारी होंगे तबादला आदेश
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में पदस्थ पुलिसकर्मियों की समीक्षा तत्काल करें। इसके बाद 1 जून 2026 से 5 जून 2026 के बीच तबादला आदेश जारी किए जाएंगे। साथ ही 15 जून तक नई जगहों पर जॉइनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।