देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच World Health Organization ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। गर्मी, उमस और लू के कारण लोगों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
WHO ने बताए हीटवेव के खतरनाक लक्षण
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक हीटवेव के दौरान शरीर में कुछ खास लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सावधानी बरतनी चाहिए। इनमें चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होना, बेचैनी या घबराहट होना, तेज प्यास लगना और सिर या पेट में दर्द शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये संकेत शरीर में पानी की कमी और अत्यधिक गर्मी के प्रभाव को दर्शाते हैं। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को सबसे ज्यादा खतरा रहता है।
बचाव के लिए क्या करें?
डब्ल्यूएचओ ने गर्मी से बचने के लिए कई आसान लेकिन जरूरी उपाय बताए हैं। जैसे ही तबीयत खराब महसूस हो, तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर चले जाएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें और लगातार पानी पीते रहें।
हल्के कपड़े पहनने की सलाह
विशेषज्ञों ने हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। बाहर निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें। दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचने को कहा गया है।
सरकार की लोगों से अपील
केंद्र और राज्य सरकारें लगातार लोगों से अपील कर रही हैं कि वे खुद को और अपने परिवार को गर्मी से सुरक्षित रखें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सावधानी बरतने से हीट स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
कई राज्यों में रिकॉर्ड तापमान
देश के कई हिस्सों में तापमान लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर किसानों, मजदूरों, बाहर काम करने वाले लोगों और छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। मौसम विभाग ने भी कई राज्यों में हीटवेव अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।