मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। अदाणी समूह से बिजली खरीद के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर 25 साल में भारी भुगतान की तैयारी का आरोप लगाया। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सबूत मांगे। बहस के दौरान “औकात में रहो” टिप्पणी से माहौल गरमा गया और करीब 40 मिनट तक सदन स्थगित करना पड़ा।
अध्यक्ष की नसीहत, CM की पहल
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा,गुस्सा दिखना चाहिए, आना नहीं चाहिए।विवाद बढ़ने पर मंत्री विजयवर्गीय ने अपने व्यवहार पर दुख जताया। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, जाने-अनजाने में कोई शब्द निकले हों तो मैं माफी मांगता हूं।
बाहर थाली, भीतर हंगामा
कार्यवाही से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर थाली बजाकर प्रदर्शन किया और बजट को “ख्याली पुलाव” बताया। विपक्ष ने ब्रांडिंग, निवेश और योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए।
लाड़ली बहना और आरक्षण पर सवाल
सिंघार ने पूछा कि दो साल से नई “लाड़ली बहनों” का पंजीयन क्यों बंद है। आउटसोर्स भर्तियों में आरक्षण लागू न होने, 27% ओबीसी आरक्षण के मुद्दे और ब्रांडिंग पर 200 करोड़ खर्च का भी जिक्र किया।
भागीरथपुरा मौत कांड पर टकराव
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों को लेकर विपक्ष ने मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की। सरकार ने 22 मृतकों को मुआवजे की बात कही, जबकि विपक्ष ने संख्या 35 बताई। मुख्यमंत्री ने संबंधित आईएएस अधिकारी के निलंबन और कार्रवाई का जिक्र किया।
CM के दावे: बेरोजगारी सबसे कम
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने दावा किया कि प्रदेश में बेरोजगारी दर 1–1.25% के आसपास है। उन्होंने कहा कि राज्य में 40 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं और किसानों को MSP के तहत 2300 करोड़ रुपए दिए गए। बजट 4.21 लाख करोड़ से बढ़कर 4.38 लाख करोड़ से अधिक हुआ है। डेयरी नेटवर्क को 26 हजार गांवों तक विस्तार और सौर ऊर्जा आधारित खेती की नीति पर काम जारी होने की भी जानकारी दी गई।
दिन का समापन
दिनभर के आरोप-प्रत्यारोप के बीच अंततः राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पारित हुआ। अध्यक्ष ने मर्यादा बनाए रखने की अपील की और सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह तक स्थगित कर दी गई। बजट सत्र के अगले दिन भी राजनीतिक तापमान ऊंचा रहने के संकेत हैं।
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