मध्यप्रदेश की बीना विधानसभा सीट की विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता को लेकर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को सुनवाई की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अध्यक्ष को मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत सौंपे। सुनवाई के बाद नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी सागर जिले में उपचुनाव कराने से बच रही है, क्योंकि उन्हें डर है कि चुनाव होने पर कांग्रेस जीत हासिल कर लेगी।
निर्मला सप्रे की सदस्यता पर हुई बैठक
निर्मला सप्रे के सदस्यता विवाद पर मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मौजूद रहे। बैठक के बाद सिंघार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने अपना पक्ष पूरी तरह से रखा है और उम्मीद है कि 8 से 15 दिन के भीतर इस मामले में निर्णय आ जाएगा।
चुनाव से डर रही बीजेपी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि निर्मला सप्रे ने बीजेपी के मंच से शपथ ली है और विधानसभा अध्यक्ष इस मामले में सभी पक्षों की सुनवाई के बाद उचित निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी उपचुनाव कराने से बच रही है क्योंकि पार्टी को डर है कि कांग्रेस को जीत हासिल हो सकती है।
निर्मला पर दलबदल का आरोप
कांग्रेस ने विधायक निर्मला सप्रे पर दलबदल करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि वह अब बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष ने सदस्यता रद्द करने की शिकायत भी दर्ज कराई है और कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 90 दिनों के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है।
लोकसभा चुनाव के दौरान साझा किया था मंच
निर्मला सप्रे सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने 2023 में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने बीजेपी नेताओं के साथ मंच साझा किया था, जिससे दलबदल का आरोप और भी जोर पकड़ा।
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