नई दिल्ली। महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर NCRB 2024 की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में महिलाओं से जुड़े 78 हजार से ज्यादा मामले जांच के दौरान फर्जी पाए गए। इनमें रेप, किडनैपिंग और जबरन शादी जैसे गंभीर अपराध भी शामिल हैं।
हर 10 में से 1 केस निकला फर्जी
NCRB रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं के खिलाफ अपराधों के कुल 7,06,236 मामलों की जांच हुई, जिनमें 78,026 केस “फाइनल रिपोर्ट फॉल्स” श्रेणी में बंद कर दिए गए। यानी करीब 11% मामले जांच में झूठे पाए गए।
रेप और किडनैपिंग में भी सामने आए फर्जी मामले
रिपोर्ट के मुताबिक:
रेप के 70,551 मामलों की जांच में 3,776 केस फर्जी पाए गए
किडनैपिंग/अपहरण के 99,950 मामलों में 15,073 केस झूठे निकले
जबरन शादी के लिए अपहरण के 3,023 मामले भी जांच में गलत पाए गए
रिपोर्ट बताती है कि कई बार पारिवारिक विवाद, प्रेम संबंध या सामाजिक तनाव आपराधिक मामलों का रूप ले लेते हैं।
फर्जी मामलों में राजस्थान सबसे ऊपर
सबसे ज्यादा फर्जी मामलों वाले राज्यों की सूची में राजस्थान टॉप पर है।
राजस्थान – 12,217
मध्य प्रदेश – 6,618
हरियाणा – 5,249
कर्नाटक – 3,126
छत्तीसगढ़ – 2,225
उत्तर प्रदेश – 1,905
महानगरों में बेंगलुरु और दिल्ली आगे
शहरों की बात करें तो सबसे ज्यादा फर्जी केस बेंगलुरु और दिल्ली में दर्ज हुए।
बेंगलुरु – 839
दिल्ली – 616
पुणे – 15
चेन्नई – 6
‘फर्जी’ और ‘गलतफहमी’ में फर्क
रिपोर्ट में साफ किया गया है कि “फर्जी केस” और “मिस्टेक ऑफ फैक्ट” अलग चीजें हैं।
फर्जी मामलों में आरोप गलत पाए गए, जबकि “मिस्टेक ऑफ फैक्ट” में घटना हुई लेकिन कानूनी या तथ्यात्मक समझ में गलती पाई गई।
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
रिपोर्ट के मुताबिक झूठे मामलों का बढ़ना जांच एजेंसियों पर दबाव बढ़ा रहा है और असली पीड़ितों के मामलों की गंभीरता को भी प्रभावित कर रहा है। ऐसे में मजबूत प्रारंभिक जांच और तेज सत्यापन की जरूरत महसूस की जा रही है।