राजगढ़। मध्य्प्रदेश के राजगढ़ जिले में खाने-पीने की सामग्री में मिलावट, नकली दूध और रासायनिक खादों के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर क्षेत्रीय सांसद रोडमल नागर ने गहरी चिंता व्यक्त की है। सांसद ने दावा किया कि पचोर की उनकी कालोनी में पिछले 3- 4 साल में 27 बच्चों को ब्लड कैंसर हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही हाल रहा, तो अगले 10 सालों में राजगढ़ जिले की स्थिति पंजाब जैसी हो जाएगी।
खानपान में मिलावट: खतरे में बच्चों का स्वास्थ्य
सांसद रोडमल नागर ने कहा कि सब्जियों, अनाज, फलों और दूध में मिलावट हो रही है। उन्होंने बताया कि लौकी जैसी पौष्टिक सब्जियों में भी अब इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। इस कारण बच्चों और आम जनता का स्वास्थ्य गंभीर जोखिम में है।
रासायनिक खादों का अत्यधिक इस्तेमाल: जमीन की बर्बादी
सांसद ने बताया कि उत्पादन बढ़ाने की होड़ में किसान जरूरत से ज्यादा यूरिया और रासायनिक खाद का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब की जमीन 50 साल में बर्बाद हुई थी, वहीं अगर यही स्थिति रही तो राजगढ़ की जमीन 10 साल में बर्बाद हो सकती है।
नकली दूध: ईमानदार पशुपालकों को नुकसान
सांसद ने नकली दूध की समस्या को भी गंभीर बताया। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि किसी स्थान पर नकली दूध बनाया जा रहा है, तो तुरंत गुप्त सूचना दें, ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष का सांसद को चेतावनी भरा संदेश
कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने सांसद रोडमल नागर से कहा कि भावुक भाषण देने के बजाय इस मुद्दे को संसद में उठाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटे से क्षेत्र में 27 बच्चों को ब्लड कैंसर हुआ है और यह मिलावटी सामान की वजह से हो रहा है। आपको देश के सबसे बड़ी पंचायत में प्रतिनिधित्व के लिए जनता ने सांसद चुना है, इसलिए केवल मार्मिक भाषण और भावनात्मक अपील करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी से नहीं हटना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों की सुरक्षा और मिलावटी खाद्य सामग्री की समस्या का समाधान हो।