नई दिल्ली: 'इंडियाज गॉट लैटेंट' शो के दौरान दिव्यांग व्यक्तियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में घिरे स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना और चार अन्य कॉमेडियनों को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने सुनवाई करते हुए समय रैना, विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह गाई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही को पूरी तरह से रद्द कर दिया।
कल्याणकारी पहलों और 12.5 करोड़ रुपये के फंड की कोर्ट ने की तारीफ
सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियनों द्वारा दिव्यांगों के कल्याण के लिए उठाए गए सकारात्मक कदमों की सराहना की। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि इन कॉमेडियनों ने पुणे में दिव्यांगों के लिए शतरंज टूर्नामेंट आयोजित करने के साथ-साथ चार अन्य फंडरेजिंग शो आयोजित किए। इन आयोजनों से लगभग 12.5 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं, जिन्हें स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित और अन्य दिव्यांग लोगों की सहायता में लगाया जाएगा।
14 नवंबर 2024 के एपिसोड से शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा विवाद 14 नवंबर 2024 को खार हैबिटेट में शूट किए गए 'इंडियाज गॉट लैटेंट' के एक एपिसोड के बाद शुरू हुआ था। शो में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित लोगों पर कथित तौर पर अनुचित टिप्पणियां की गई थीं, जिसके खिलाफ 'क्योर एसएमएस इंडिया फाउंडेशन' ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इससे पहले कोर्ट ने निर्देश न मानने पर प्रत्येक कॉमेडियन पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
ऑनलाइन कंटेंट के नियमन पर अलग से विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट
यद्यपि समय रैना और अन्य कॉमेडियनों के खिलाफ आपराधिक मामला समाप्त कर दिया गया है, लेकिन ऑनलाइन कंटेंट पर नियंत्रण का व्यापक मुद्दा अभी भी खुला है। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में दिव्यांगों के परामर्श से ऑनलाइन सामग्री के संबंध में आवश्यक सुरक्षा दिशानिर्देश तय करने के लिए अलग से निर्देश जारी किए जा सकते हैं।