कोलकाता (बौबाजार):पश्चिम बंगाल की राजनीतिक लहर अब टॉलीवुड के सबसे महत्वपूर्ण संगठन इम्पा (EIMPA - Eastern India Motion Pictures Association) के गलियारों तक पहुँच गई है। राज्य में बीजेपी की जीत के 24 घंटे के भीतर ही संगठन में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। बीजेपी समर्थक सदस्यों ने वर्तमान अध्यक्ष पिया सेनगुप्ता के इस्तीफे की मांग करते हुए ऑफिस में भारी हंगामा और तोड़फोड़ की है।
गंगाजल से 'शुद्धिकरण' और जय श्री राम के नारे
मंगलवार को इम्पा ऑफिस में नजारा पूरी तरह बदला हुआ था। बीजेपी समर्थक फिल्म निर्माताओं और वितरकों ने ऑफिस परिसर में गंगाजल छिड़क कर शुद्धिकरण किया और जमकर भगवा अबीर खेला। इस दौरान 'जय श्री राम' के नारों से पूरा दफ्तर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि राजनीतिक बदलाव के साथ संगठन के नेतृत्व में भी बदलाव जरूरी है।
रणक्षेत्र बना ऑफिस, बुलानी पड़ी CRPF
बुधवार रात स्थिति उस वक्त बेकाबू हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने ऑफिस में तोड़फोড় शुरू कर दी। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले बौबाजार थाने की पुलिस और फिर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को तैनात किया गया। इलाके में धारा 144 लागू करने की चर्चा भी तेज है। पिया सेनगुप्ता ने आरोप लगाया है कि उन्हें और उनकी टीम को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
आरोपों की बौछार: पिया बनाम प्रदर्शनकारी
बिक्षुब्ध गुट: वितरक शतदीप साहा और अन्य सदस्यों का आरोप है कि वर्तमान ईसी (EC) कमेटी निर्वाचित नहीं है और वे जबरन पद पर काबिज हैं। साथ ही स्क्रीनिंग कमेटी और फिल्मों की रिलीज के नियमों में पारदर्शिता की मांग की गई है।पिया सेनगुप्ता का जवाब: उन्होंने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "हमारे पास चुनाव के सभी सबूत हैं, जो कोर्ट की निगरानी में हुए थे। बिना सबूत के झूठे आरोप बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।" उनके बेटे और अभिनेता बोनी सेनगुप्ता ने भी कहा कि उनकी मां के साथ बदसलूकी की गई है, जिसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
नियमों में बदलाव की सुगबुगाहट
इस हंगामे के बीच एक महत्वपूर्ण फैसला यह लिया गया है कि अब निर्माताओं के लिए बजट की बाध्यता खत्म की जाएगी। इम्पा के निर्माता विभाग के अध्यक्ष ऋतब्रत भट्टाचार्य ने बताया कि अब हर निर्माता अपनी क्षमता के अनुसार बजट तय करने के लिए स्वतंत्र होगा। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच अगली बैठक 8 तारीख (शुक्रवार) को होनी तय हुई है। देखना यह होगा कि टॉलीवुड की यह सत्ता की लड़ाई किस मोड़ पर खत्म होती है।