पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं की जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया है। आज कई महिलाएं पहले अपनी पढ़ाई पूरी करना, करियर में स्थिरता हासिल करना और आर्थिक रूप से मजबूत होना चाहती हैं। यही वजह है कि मातृत्व की योजना भी पहले की तुलना में अधिक उम्र में बनाई जा रही है। हालांकि बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं की प्रजनन क्षमता स्वाभाविक रूप से कम होने लगती है। ऐसे में एग फ्रीज़िंग उन महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर सामने आई है, जो भविष्य में मां बनने की संभावना को सुरक्षित रखना चाहती हैं। इस प्रक्रिया में महिला के स्वस्थ अंडाणुओं को निकालकर अत्यधिक कम तापमान पर सुरक्षित रखा जाता है, ताकि बाद में आईवीएफ (IVF) तकनीक के माध्यम से उनका उपयोग किया जा सके।
उम्र बढ़ने के साथ क्यों कम होने लगती है फर्टिलिटी?
महिलाओं के अंडाशय में मौजूद कुल अंडाणुओं की संख्या को ओवेरियन रिजर्व कहा जाता है। यह संख्या जन्म से पहले ही निर्धारित हो जाती है और जीवनभर धीरे-धीरे घटती रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्भ में रहने के दौरान एक बच्ची के अंडाशय में लगभग 60 से 70 लाख अंडाणु होते हैं। जन्म के समय यह संख्या घटकर करीब 10 से 20 लाख रह जाती है, जबकि किशोरावस्था तक केवल 3 से 4 लाख अंडे बचते हैं। इसके बाद प्रत्येक मासिक चक्र के साथ हजारों अंडाणु नष्ट होते रहते हैं। यही कारण है कि उम्र बढ़ने के साथ न केवल अंडों की संख्या कम होती है, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी प्रभावित होने लगती है, जिससे गर्भधारण की संभावना धीरे-धीरे घटती जाती है।
कैसे पता करें कि ओवेरियन रिजर्व कम हो रहा है?
सिर्फ लक्षणों के आधार पर यह पता लगाना आसान नहीं होता कि ओवेरियन रिजर्व कम हो गया है। हालांकि मासिक धर्म का अनियमित होना, पीरियड्स का जल्दी या देर से आना, मासिक चक्र का छोटा होना या लंबे समय तक गर्भधारण न होना कुछ संकेत हो सकते हैं। लेकिन सही स्थिति जानने के लिए फर्टिलिटी विशेषज्ञ एएमएच (Anti-Müllerian Hormone) टेस्ट, एएफसी (Antral Follicle Count) अल्ट्रासाउंड और अन्य हार्मोनल जांच की सलाह देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई महिला भविष्य में मातृत्व को टालने की योजना बना रही है तो 30 से 35 वर्ष की उम्र से पहले ओवेरियन रिजर्व की जांच कराना अधिक लाभदायक हो सकता है।
आईवीएफ या एग फ्रीज़िंग में कितने अंडे निकाले जाते हैं?
एग फ्रीज़िंग के दौरान महिला को कुछ दिनों तक हार्मोनल इंजेक्शन दिए जाते हैं ताकि एक साथ अधिक अंडाणु विकसित हो सकें। इसके बाद एक छोटी प्रक्रिया के माध्यम से अंडों को निकाला जाता है। अधिकांश महिलाओं में एक साइकिल में लगभग 8 से 15 अंडे प्राप्त होते हैं। कुछ मामलों में यह संख्या पांच से कम भी हो सकती है, जबकि कुछ महिलाओं में 20 या उससे अधिक अंडे भी निकाले जा सकते हैं। यह पूरी तरह महिला की उम्र, ओवेरियन रिजर्व, हार्मोनल प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि केवल अधिक संख्या में अंडे होना सफलता की गारंटी नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण होती है।
एक बच्चे के लिए कितने अंडे फ्रीज़ कराने चाहिए?
फर्टिलिटी विशेषज्ञों के अनुसार यदि भविष्य में एक बच्चे की योजना है तो सामान्यतः 10 से 20 स्वस्थ अंडों को फ्रीज़ कराने का लक्ष्य रखा जाता है। यदि महिला की उम्र 35 वर्ष से कम है तो लगभग 15 से 20 अंडे भविष्य में अच्छी सफलता की संभावना दे सकते हैं। हालांकि यह कोई निश्चित संख्या नहीं है, क्योंकि प्रत्येक महिला की प्रजनन क्षमता अलग होती है। डॉक्टर महिला की जांच रिपोर्ट और ओवेरियन रिजर्व के आधार पर व्यक्तिगत सलाह देते हैं।
दो बच्चों की योजना है तो कितने अंडे सुरक्षित रखना बेहतर होगा?
यदि महिला भविष्य में दो बच्चों की योजना बना रही है तो विशेषज्ञ सामान्यतः 20 से 30 अंडे फ्रीज़ कराने की सलाह देते हैं। बढ़ती उम्र के साथ अंडों की गुणवत्ता प्रभावित होने लगती है, इसलिए 35 वर्ष के बाद प्रत्येक बच्चे के लिए लगभग 20 से 25 अंडे सुरक्षित रखना बेहतर माना जाता है। वहीं 38 वर्ष या उससे अधिक आयु में कई विशेषज्ञ 25 से 30 अंडे प्रति बच्चे का लक्ष्य रखने की सलाह देते हैं ताकि भविष्य में सफल गर्भधारण की संभावना बेहतर बनी रहे। कई बार यह संख्या प्राप्त करने के लिए एक से अधिक एग रिट्रीवल साइकिल की आवश्यकता भी पड़ सकती है।
उम्र के अनुसार कितने अंडे फ्रीज़ कराना बेहतर माना जाता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि एग फ्रीज़िंग जितनी कम उम्र में कराई जाए, सफलता की संभावना उतनी अधिक रहती है। 30 वर्ष की उम्र में फ्रीज़ किए गए अंडों की गुणवत्ता सामान्यतः 40 वर्ष की उम्र में फ्रीज़ किए गए अंडों की तुलना में बेहतर होती है। इसलिए यदि कोई महिला मातृत्व को कई वर्षों तक टालने की योजना बना रही है तो 30 से 35 वर्ष के बीच एग फ्रीज़िंग कराने को अधिक उपयुक्त माना जाता है। हालांकि अंतिम निर्णय महिला की स्वास्थ्य स्थिति, मेडिकल हिस्ट्री और फर्टिलिटी रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाना चाहिए।
आईवीएफ के दौरान फ्रीज़ किए गए अंडों का कैसे होता है उपयोग?
जब महिला गर्भधारण के लिए तैयार होती है, तब सुरक्षित रखे गए अंडों को नियंत्रित तापमान पर पिघलाया जाता है। इसके बाद प्रयोगशाला में उन्हें शुक्राणुओं के साथ निषेचित कर भ्रूण तैयार किया जाता है। स्वस्थ भ्रूण बनने के बाद उसे गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है। यही प्रक्रिया आईवीएफ कहलाती है। यदि पहला प्रयास सफल नहीं होता तो शेष सुरक्षित अंडों या भ्रूणों का उपयोग अगले चक्र में किया जा सकता है। इसलिए पर्याप्त संख्या में अच्छे गुणवत्ता वाले अंडों का सुरक्षित होना भविष्य की सफलता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
आईवीएफ की सफलता दर कितनी होती है?
चिकित्सकीय अध्ययनों के अनुसार फ्रीज़ किए गए लगभग 80 से 90 प्रतिशत अंडे पिघलाने के बाद सुरक्षित रहते हैं। इनमें से लगभग 70 प्रतिशत अंडे सफलतापूर्वक निषेचित हो जाते हैं। इसके बाद निषेचित अंडों में लगभग आधे स्वस्थ भ्रूण के रूप में विकसित हो पाते हैं। हालांकि सफल गर्भधारण केवल इन आंकड़ों पर निर्भर नहीं करता। भ्रूण की गुणवत्ता, महिला की उम्र, गर्भाशय की स्थिति, हार्मोनल संतुलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारक भी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई बार सफल प्रेग्नेंसी के लिए एक से अधिक आईवीएफ चक्र की आवश्यकता पड़ सकती है।
किन महिलाओं के लिए एग फ्रीज़िंग हो सकती है बेहतर विकल्प?
फर्टिलिटी विशेषज्ञों के अनुसार जिन महिलाओं की शादी में देरी हो रही हो, जो करियर या उच्च शिक्षा के कारण मातृत्व टालना चाहती हों, जिनके परिवार में समय से पहले मेनोपॉज का इतिहास हो, या जिन्हें कैंसर जैसी बीमारी के इलाज से पहले कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी करानी हो, उनके लिए एग फ्रीज़िंग एक उपयोगी विकल्प हो सकता है। हालांकि यह निर्णय पूरी तरह चिकित्सकीय सलाह और व्यक्तिगत परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही लिया जाना चाहिए।
क्या एग फ्रीज़िंग भविष्य में मां बनने की गारंटी देती है?
विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि एग फ्रीज़िंग भविष्य में गर्भधारण की संभावना बढ़ाने का एक प्रभावी तरीका है, लेकिन यह 100 प्रतिशत सफलता की गारंटी नहीं देता। इस प्रक्रिया से महिलाओं को जैविक घड़ी का कुछ हद तक लाभ मिलता है, लेकिन अंततः सफलता अंडों की गुणवत्ता, महिला की उम्र, स्वास्थ्य, भ्रूण के विकास और आईवीएफ प्रक्रिया सहित कई चिकित्सकीय कारकों पर निर्भर करती है। इसलिए एग फ्रीज़िंग को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि निश्चित परिणाम के रूप में।