अतंरिक्ष में अमेरिका को चुनौती देने की कोशिश में लगे चीन ने एक नए मिशन का ऐलान किया है। चीन अब एक सिविलियन एस्ट्रोिनॉट को तियांगोंग स्पे स स्टेशन के चालक दल के मिशन के हिस्से के रूप में अंतरिक्ष में भेजेगा। चीन की स्पेगस एजेंसी ने यह जानकारी दी।
चाइनीज मीडिया के मुताबिक, यह चीन की तीसरी पीढ़ी के अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पहली उड़ान होगी और किसी भी चीनी नागरिक के लिए पृथ्वी से अंतरिक्ष में उड़ान भरने का यह पहला मौका होगा। अब तक अंतरिक्ष में भेजे गए सभी चीनी अंतरिक्ष यात्री पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का हिस्सा रहे हैं।
ये 3 लोग जाएंगे
चीन की स्पेहस एजेंसी के प्रवक्ता लिन शिकियांग ने सोमवार, को कहा, "पेलोड एक्स पर्ट गुई हाईचाओ बीजिंग यूनिवर्सिटी ऑफ एरोनॉटिक्स एंड एस्ट्रोनॉटिक्स में प्रोफेसर हैं. वही, मंगलवार को उड़ान भरने वाले स्पे्सक्रॉफ्ट में स्पेयस साइंस एक्स पेरिमेंटल पेलोड के ऑन-ऑर्बिट संचालन के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार होंगे। उनके अलावा मिशन के कमांडर जिंग हैपेंग हैं, और तीसरे चालक दल के सदस्य झू यांग्झू हैं।
शी जिनपिंग के निर्देश पर तेज की प्लानिंग
लिन शिकियांग ने कहा, वे मंगलवार को सुबह 9.31 बजे उत्तर-पश्चिम चीन में जियुक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निर्देश पर, चीन के "स्पेेस ड्रीम" की योजनाओं को तेज कर दिया गया है।इंसानों को चांद पर भेजने की तैयारी
दरअसल, चीन अंतरिक्ष में भी अमेरिका और रूस के साथ होड़ में आना चाहता है, इसलिए वो भारी खर्च कर रहा है. वह चंद्रमा पर एक बेस तैयार करने की योजना भी बना रहा है और उसके नेशनल स्पेकस एडमिनिस्ट्रे शन ने कहा है कि उनका लक्ष्य 2029 तक एक क्रूड लूनर मिशन लॉन्चर करना है।Read More: सीताराम येचुरी से मुलाकात करेंगे केजरीवाल
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