भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एनके मिश्रा को पश्चिम बंगाल में जारी विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन की समीक्षा के लिए विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे
नियुक्ति की जानकारी देते हुए अंडर सेक्रेटरी एमएल मीना ने मिश्रा को निर्देश दिया कि वे अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरूप ही पूरी की जानी चाहिए।
राज्य का दौरा कर लेंगे तैयारियों का जायजा
निर्देशानुसार, मिश्रा समय-समय पर पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे और विशेष गहन पुनरीक्षण, मतदान तैयारियों तथा वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव की व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। वे आवश्यक सुझाव और रिपोर्ट आयोग को सौंपेंगे। उनके दौरे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल के समन्वय से होंगे और सभी जरूरी सुविधाएं व प्रोटोकॉल सीईओ कार्यालय उपलब्ध कराएगा।
प्रशंसा पत्र जारी करने पर प्रतिबंध
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विशेष पर्यवेक्षक के रूप में कार्यकाल के दौरान या उसके बाद मिश्रा किसी भी मतदाता पंजीकरण अधिकारी या अन्य चुनाव अधिकारी को सीधे प्रशंसा पत्र जारी नहीं करेंगे। यदि किसी अधिकारी के कार्य की सराहना आवश्यक लगे, तो वे कारण सहित प्रस्ताव आयोग को भेजेंगे।
संशोधन प्रक्रिया की समयसीमा
मतदाता सूची के प्रारूप पर दावे और आपत्तियों की विस्तारित सुनवाई की समयसीमा शनिवार को समाप्त हो जाएगी। दस्तावेजों की जांच 21 फरवरी तक चलेगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। इसके साथ ही दिसंबर से चल रहा यह संशोधन अभियान पूरा हो जाएगा।
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