अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। बुधवार तड़के अमेरिका ने ईरान के पांच शहरों में एयर और मिसाइल स्ट्राइक की, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संदिग्ध परमाणु ठिकाने 'पिकऐक्स माउंटेन' पर बड़े हमले की चेतावनी देकर हालात को और गंभीर बना दिया है।
ईरान के पांच शहरों पर एक साथ हमला
अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान के चाबहार, कोनारक, तबरीज, बेहबहान और ओमीदियेह शहरों में एक साथ एयर और मिसाइल स्ट्राइक की। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला युद्धविराम (सीजफायर) टूटने के बाद लगातार 11वीं रात किया गया हमला है। इससे पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है।
ट्रंप की चेतावनी: परमाणु ठिकाने पर होगा बड़ा हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जल्द ही ईरान के संदिग्ध परमाणु ठिकाने 'पिकऐक्स माउंटेन' (Pickaxe Mountain) पर "बहुत बड़ा और बेहद भारी हमला" कर सकता है।
ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो वह पूरे क्षेत्र में युद्ध का दायरा और बढ़ाने के लिए मजबूर होगा।
युद्ध पर अमेरिका का खर्च 3.2 लाख करोड़ रुपये पार
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जानकारी दी कि अब तक इस सैन्य अभियान पर अमेरिका का खर्च 37.5 अरब डॉलर (करीब 3.2 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच चुका है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक जारी संघर्ष से अमेरिका पर आर्थिक और सैन्य दबाव लगातार बढ़ रहा है।
क्या है पिकऐक्स माउंटेन?
पिकऐक्स माउंटेन ईरान के सबसे संवेदनशील परमाणु परिसरों में से एक माना जा रहा है।
- यह तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।
- नतांज परमाणु केंद्र से इसकी दूरी करीब 2 किलोमीटर है।
- यह परिसर पहाड़ के भीतर लगभग 100 मीटर गहराई में विकसित किया जा रहा है।
- इसकी शुरुआत 2020 में नतांज परमाणु केंद्र में हुए विस्फोट के बाद की गई थी।
- ईरान ने यहां आधुनिक सेंट्रीफ्यूज निर्माण सुविधा विकसित करने की योजना बनाई थी।
अभी पूरी तरह चालू नहीं हुआ परिसर
अमेरिका स्थित थिंक टैंक Institute for Science and International Security (ISIS) के अनुसार, सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिलता है कि पिकऐक्स माउंटेन का निर्माण कार्य अभी जारी है और यह पूरी तरह संचालित नहीं हुआ है। हालांकि भविष्य में इसका उपयोग ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए आधुनिक सेंट्रीफ्यूज तैयार करने में किया जा सकता है।
क्या अमेरिका इसे नष्ट कर पाएगा?
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिसर इतनी अधिक गहराई में बनाया गया है कि अमेरिका के सबसे शक्तिशाली बंकर-बस्टर बम भी इसे पूरी तरह नष्ट करने में सक्षम नहीं हो सकते। ऐसे में यदि अमेरिका कार्रवाई करता है तो उसे विशेष सैन्य अभियान या जमीनी ऑपरेशन जैसे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है।
क्या बढ़ सकता है पश्चिम एशिया में युद्ध?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अमेरिका पिकऐक्स माउंटेन पर हमला करता है और ईरान जवाबी कार्रवाई करता है, तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया में देखने को मिल सकता है। इससे वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका है।