ढाका: बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और कानून-व्यवस्था को लेकर एक मानवाधिकार रिपोर्ट ने गंभीर तस्वीर पेश की है। मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी (HRSS) की अगस्त महीने की रिपोर्ट के अनुसार, देश में भीड़ हिंसा, राजनीतिक झड़पों, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध तथा अन्य हिंसक घटनाओं में चिंताजनक स्थिति दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में मॉब लिंचिंग की 53 घटनाओं में 28 लोगों की मौत हुई, जबकि 62 लोग घायल हुए। इसी अवधि में नदियों, नहरों, जंगलों और अन्य सुनसान स्थानों से 87 लावारिस शव मिलने का भी दावा रिपोर्ट में किया गया है।
मॉब लिंचिंग की 53 घटनाएं, 28 लोगों की मौत
HRSS के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेने की 53 घटनाएं सामने आईं। इनमें 28 लोगों की मौत और 62 लोगों के घायल होने की बात कही गई है। रिपोर्ट में बरामद 87 लावारिस शवों को लेकर भी कई गंभीर विवरण दिए गए हैं। संगठन के अनुसार, इनमें 12 शव बोरियों में बंद, 17 शव फंदे से लटके हुए और 26 शवों पर धारदार हथियारों या गंभीर चोटों के निशान पाए गए। इसके अलावा 9 शवों के गले कटे होने और 8 शवों के हाथ-पैर बंधे होने का भी रिपोर्ट में उल्लेख है। इन मामलों की परिस्थितियां और मौत के वास्तविक कारण अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों को जांच और आधिकारिक पुष्टि के संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।
जुलाई के मुकाबले राजनीतिक हिंसा में बढ़ोतरी
HRSS ने जुलाई और अगस्त के आंकड़ों की तुलना करते हुए राजनीतिक हिंसा में भी बढ़ोतरी का दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में 45 राजनीतिक झड़पों में 6 लोगों की मौत हुई थी। अगस्त में ऐसी घटनाओं की संख्या बढ़कर 70 हो गई, जिनमें 7 लोगों की मौत और 536 से अधिक लोगों के घायल होने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, BNP के भीतर गुटीय संघर्षों में 5 कार्यकर्ताओं की मौत और 152 लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। BNP और जमात-ए-इस्लामी के बीच कथित झड़पों में एक मौत और 233 लोगों के घायल होने की बात कही गई है। वहीं BNP और अवामी लीग से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच टकराव में एक व्यक्ति की मौत और 26 लोगों के घायल होने का उल्लेख है।
छात्र राजनीति में भी हिंसक झड़पें
शैक्षणिक परिसरों में छात्र संगठनों के बीच टकराव भी रिपोर्ट का हिस्सा है। HRSS के अनुसार, अगस्त में छात्र संगठनों से जुड़ी 13 झड़पों में 216 लोग घायल हुए। इनमें छात्र दल और इस्लामी छात्र शिबिर के बीच हुई 8 झड़पें प्रमुख थीं, जिनमें कुल 181 लोगों के घायल होने का दावा रिपोर्ट में किया गया है।
महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध पर चिंता
मानवाधिकार रिपोर्ट में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के खिलाफ हिंसा को लेकर भी गंभीर आंकड़े दिए गए हैं। HRSS के अनुसार, अगस्त में 249 महिलाएं और बच्चियां विभिन्न प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न का शिकार हुईं। रिपोर्ट में 79 बलात्कार के मामलों का उल्लेख है। इनमें 46 पीड़ितों की उम्र 18 वर्ष से कम बताई गई है। इसके अलावा 18 सामूहिक बलात्कार के मामलों का भी दावा किया गया है। घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में 49 महिलाओं की मौत और 23 महिलाओं द्वारा आत्महत्या किए जाने का उल्लेख रिपोर्ट में है।
बच्चों के खिलाफ हिंसा के भी मामले
HRSS की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में 282 बच्चे शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का शिकार हुए। इनमें 77 बच्चों की मौत होने का दावा किया गया है। मानवाधिकार संगठन ने इन आंकड़ों को बच्चों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी गंभीर चुनौती के रूप में रेखांकित किया है।
पत्रकारों पर हमले और हिरासत का दावा
रिपोर्ट में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर भी चिंता जताई गई है। HRSS के अनुसार, अगस्त में 32 अलग-अलग घटनाओं में 45 पत्रकारों को हमले, धमकी, शारीरिक उत्पीड़न या हिरासत जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। संगठन का कहना है कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्वतंत्र और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जरूरी है।
HRSS ने कानून-व्यवस्था मजबूत करने की मांग की
HRSS के कार्यकारी निदेशक इजाजुल इस्लाम ने रिपोर्ट जारी करते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई। संगठन के मुताबिक, भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए पुलिस और न्यायिक व्यवस्था को प्रभावी तरीके से सक्रिय करने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में अंतरिम प्रशासन से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, हिंसा के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। हालांकि, HRSS की रिपोर्ट एक मानवाधिकार संगठन द्वारा संकलित आंकड़ों पर आधारित है। इसमें दर्ज सभी आरोपों और घटनाओं को संबंधित सरकारी एजेंसियों या अदालतों द्वारा अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।