बांग्लादेश में बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए भारत सरकार ने वहां तैनात अपने अधिकारियों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया है। यह कदम बांग्लादेश में होने वाले आगामी संसदीय चुनावों से पहले एहतियात के तौर पर उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय उच्चायोग और अन्य दूतावास फिलहाल सामान्य रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन चरमपंथी गतिविधियों में बढ़ोतरी को देखते हुए भारत बांग्लादेश को अपने अधिकारियों के लिए “गैर-पारिवारिक पोस्ट” घोषित करने पर विचार कर रहा है। इस तरह की व्यवस्था पहले से ही पाकिस्तान में लागू है।
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन और अंतरिम सरकार के गठन के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव देखने को मिला है। भारत लगातार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताता रहा है। भारत सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अपने नागरिकों व अधिकारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बता रही है।
Comments (0)