अमेरिका ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर (करीब 92 करोड़ रुपये) के इनाम की घोषणा की है। यह घोषणा अमेरिकी विदेश विभाग के ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत की गई है, जिसे राजनयिक सुरक्षा सेवा संचालित करती है।
टारगेट पर आईआरजीसी के शीर्ष अधिकारी
अमेरिका का कहना है कि यह इनाम उन लोगों के लिए है, जो मुजतबा खामेनेई या आईआरजीसी से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के बारे में पुख्ता जानकारी देंगे। अधिकारियों के मुताबिक ये लोग आईआरजीसी की विभिन्न यूनिट्स का संचालन करते हैं और वैश्विक स्तर पर कई गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल रहे हैं।
इन नेताओं पर भी घोषित हुआ इनाम
अमेरिका ने जिन नेताओं के बारे में जानकारी देने पर इनाम घोषित किया है, उनमें मुजतबा खामेनेई के अलावा सर्वोच्च नेता के कार्यालय के उप चीफ ऑफ स्टाफ अली असगर हेजाजी और ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी भी शामिल हैं।
हमलों के बीच घायल होने का दावा
इस बीच अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बीच मुजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि मुजतबा खामेनेई जीवित हैं, लेकिन हालिया हमलों में घायल हो गए हैं। हालांकि इस संबंध में ईरान की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत पुष्टि नहीं की गई है।
युद्ध तीसरे सप्ताह में, हमले तेज
अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ हवाई हमले लगातार तेज किए जा रहे हैं। तेल ठिकानों और सैन्य ठिकानों के साथ-साथ ईरान के शीर्ष नेताओं को भी निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। यह सैन्य अभियान अब तीसरे सप्ताह में पहुंच चुका है।
पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य तैनाती बढ़ी
तनाव के बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया की ओर करीब 2,500 मरीन सैनिक और एक युद्धपोत भेजने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट और युद्धपोत USS Tripoli को इस क्षेत्र में तैनात किया जा रहा है, जिससे इलाके में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और बढ़ेगी।
ट्रंप का दावा – जल्द सरेंडर कर सकता है ईरान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि आने वाले दिनों में ईरानी ठिकानों पर और बड़े हमले किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान जल्द ही सरेंडर करने की स्थिति में आ सकता है, हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए संघर्ष अभी लंबा चलने की आशंका जताई जा रही है।
Comments (0)