होली खेलने से पहले बालों में तेल लगाना डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार एक बेहद प्रभावी और सुरक्षित तरीका है, जो बालों को रंगों के नुकसान से बचाता है। होली के दौरान इस्तेमाल होने वाले केमिकलयुक्त रंग, धूप की तेज गर्मी और बाद में बार-बार बाल धोने की जरूरत मिलकर बालों को बेहद कमजोर और रुखा बना देते हैं। ऐसे में तेल बालों पर एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।
तेल लगाने के प्रमुख लाभ
जब नारियल, बादाम या जैतून जैसे हल्के तेल बालों और स्कैल्प पर लगाए जाते हैं, तो ये बालों की बाहरी परत पर एक प्रोटेक्टिव शील्ड बना देते हैं। यह परत होली के रंगों और धूल-मिट्टी से सुरक्षा प्रदान करती है। इसके कारण केमिकल वाले रंग सीधे बालों के अंदर प्रवेश नहीं कर पाते और धोने पर आसानी से निकल जाते हैं। तेल लगाने से बालों की नमी भी बरकरार रहती है और स्कैल्प को ड्राईनेस, इरीटेशन और खुजली से राहत मिलती है। धूप की वजह से होने वाले नुकसान और फ्रिज़ को भी तेल काफी हद तक कम कर देता है।
कितनी मात्रा में लगाएं तेल?
तेल लगाना फायदेमंद जरूर है, लेकिन यह भी जरूरी है कि तेल की मात्रा संतुलित हो। बहुत अधिक तेल लगाने से बाल चिपचिपे हो जाते हैं और उन पर धूल, रंग और कण ज्यादा चिपकने लगते हैं, जिससे बाद में इन्हें साफ करने में और दिक्कत होती है। इसलिए हल्की मालिश करते हुए उतनी ही मात्रा में तेल लगाएं जितनी जरूरत हो, और बालों को बांधकर रखना बेहतर होता है ताकि रंग कम लगे और बाल उलझें नहीं।
होली के बाद बालों की सही देखभाल
रंग खेलने के बाद बालों की खोई नमी और चमक वापस लाने के लिए हल्के या माइल्ड शैम्पू से बाल धोना अच्छा रहता है। शैम्पू के बाद कंडीशनर या हेयर मास्क का उपयोग बालों को फिर से नरम और पोषित बनाता है। यह प्रक्रिया बालों में नमी लॉक करती है और उन्हें टूटने से भी बचाती है। यदि बाल बहुत अधिक ड्राई महसूस हों, तो अगले एक-दो दिनों तक सीरम या हल्का हेयर ऑयल भी लगाया जा सकता है।
डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह
विशेषज्ञों के अनुसार, होली से पहले लगाने वाला तेल बालों को न सिर्फ सुरक्षा देता है बल्कि स्कैल्प की हेल्थ भी बनाए रखता है। इससे बाल नमी खोने से बचते हैं और रंगों के कठोर प्रभाव कमजोर नहीं कर पाते। हल्के और प्राकृतिक तेल का इस्तेमाल होली की तैयारी का एक अहम हिस्सा माना जाता है।
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